इंदौर में 8 नए मामले आने के बाद संपूर्ण लॉकडाउन, पूर्व CM कमलनाथ ने जताया विरोध

भोपाल: महज दो तीन महीने में वैश्विक महामारी का रुप धारण कर चुके कोरोना वायरस से सारी दुनिया सहमी हुई है। दिन प्रतिदिन इससे कई लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक सबसे ज्यादा असर इंदौर में देखने को मिल रहा है। जिसके चलते इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने 30-31 को संपूर्ण लॉकडाउन का आदेश जारी किया है। इस दौरान यह शहर पूरी तरह से थम जाएगा। मेडिकल शॉप के अलावा शहर में कोई दुकान नहीं खुलेगी। दो दिन किराना, डेयरी, सब्जी सबकी सप्लाई बंद रहेगी।

Office Of Kamal Nath

@OfficeOfKNath

शिवराज जी,प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन का सख़्ती से पालन हो,इसमें किसी को गुरेज़ नहीं है लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है।
दूध-दवाई आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती है। @ChouhanShivraj
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इंदौर लॉकडाउन को लेकर प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने इस आदेश को गलत बताते हुए आपत्ति जताई है। दरअसल, पिछले कुछ ही दिनों में सिर्फ इंदौर में ही कोरोना के कई मामले सामने आने से प्रशासन में हड़कंम मचा हुआ है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने 30-31 को जिले में संपूर्ण लॉकडाउन के आदेश दिेए हैं। लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ ने इसे गलत बताते हुए सीएम को ट्वीट किया है।

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शिवराज जी,प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन का सख़्ती से पालन हो,इसमें किसी को गुरेज़ नहीं है लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है।
दूध-दवाई आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती है। @ChouhanShivraj
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कमलनाथ ने कहा कि, शिवराज जी,प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन का सख़्ती से पालन हो,इसमें किसी को गुरेज़ है लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है। वो बेहद ही आपत्तिजनक है दूध-दवाई आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती है। देश भर में आवश्यक वस्तुओं पर कोई रोक नहीं है। इस निर्णय से उन बच्चों , बुजुर्गों , मरीज़ों का क्या होगा जो दूध पर ही आश्रित है ? उन पशु पालकों के बारे में भी सोचे, जो पूर्व से ही दोहरी मार झेल रहे है। जनहित में इस निर्णय को तत्काल बदला जावे।