Mann Ki Baat: माफी से लेकर चेतावनी तक, कोरोना संकट पर पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना लॉकडाउन के बाद पैदा हुए हालात पर मन की बात कार्यक्रम में लोगों को जागरूक और सजग रहने की अपील की। उन्होंने लॉकडाउन पर होने वाली परेशानिसों को लेकर जहां लोगों से माफी मांगी तो वहीं लापरवाही बरतने पर चेतावनी भी दी। पीएम ने कहा कि दुनिया के हालात देखने के बाद लगता है कि आपके परिवार को सुरक्षित रखने का यही एक रास्ता बचा है। इसे साथ ही मोदी ने लोगों को चेताते हुए कहा कि अगर आप Lockdown का नियम तोड़ेंगे तो वायरस से बचना मुश्किल होगा। जानें कोरोना संकट पर पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें:-

  • कोरोना को हराने के लिए मैंने कुछ कठिन निर्णय लिए, उसके लिए मैं देशवासियों से क्षमा मांगता हूं। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जिंदगी और मौत की जंग है और मुश्किल फैसले लेना बहुत जरूरी था।
  • कोरोना वायरस लोगों की जान लेने पर आमदा है इसलिए पूरी मानवता को एकजुट होकर इसे मिटाने का संकल्प लेना होगा। जीवन और मृत्य के बीच की लड़ाई को हमें जीतना है।
  • लॉकडाउन के बात देशभर से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जो कि किसी का भी दिल पिघला सकती हैं। शहरों में दिहाड़ी मजदूरी पर काम करने वाले लोग गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
  • अगर आप Lockdown का नियम तोड़ेंगे तो वायरस से बचना मुश्किल होगा। दुनिया भर में जिन लोगों ने पृथक रहने संबंधी नियम नहीं माने वे अब पछता रहे हैं।
  • ये लॉकडाउन आपले खुद के बचने के लिए है। आपको अपने को बचाना है, अपने परिवार को बचाना है। जरा सोचिये की आप लॉकडाउन के समय भी जो टीवी देख पा रहे हैं, घर में रहते हए जिस फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन सब को सुचारू रखने के लिए कोई न कोई अपनी जिंदगी खपा रहा है।
  • लॉक डाउन के दौरान जो लोग जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखे हुए है, वे अपना जीवन दांव पर लगा कर देश सेवा कर रहे है इसलिए वे हमारे असली हीरो हैं और समाज के लिए उनकी सेवा सराहनीय है।
  • इस लड़ाई के योद्धा डॉक्टर, पैरा-मेडिकल व अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग हैं, मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं। जो धन और किसी खास कामना को लेकर नहीं, बल्कि मरीज की सेवा के लिए, दया भाव रखकर कार्य करता है, वो सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक होता है।
  • कुछ लोग जो कोरोना के संदिग्ध हैं उनके साथ भी बुरा व्यवहार किया जा रहा है। वे लोग आपको बचाने के लिए ही क्वारंटाइन में हैं। इसलिए उनके प्रति हमारी भी जिम्मेदारी है। उनका सहयोग करने की आवश्यकता है।
  • सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब भौतिक दूरी को बढ़ाना और भावनात्मक दूरी को घटाना है। सोशल डिस्टेंसिंग का अर्थ एक दूसरे से मन की दूरी बनाना नहीं बल्कि भौतिक दूरी को बरकरार रखते हुये संक्रमण को दूसरों में फैलने से रोकना और संक्रमण से खुद को बचाना भी है।
  • आने वाले समय में यही हिंदुस्तानी अपने देश के विकास के लिए सारी दीवारों को तोड़कर आगे निकलेगा, देश को आगे ले जाएगा। आप अपने परिवार के साथ घर पर रहिए, सुरक्षित और सावधान रहिए।