वुहान से लौटे छात्र ने संझा किया अपना अनुभव, जान बचाने के लिए पीएम मोदी को कहा-‘थैंक्स यू’

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर मोदी सरकार काफी गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शीर्ष नेता दिग्गज नेता इस महामारी से निपटने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं। इस संकट के बीच पीएम ने चीन के वुहान शहर से पिछले दिनों लौटे कश्मीरी छात्र से बातचीत कर उसका अनुभव जाना।

कश्मीर के बनिहाल के रहने वाले निजामुर रहमान ने वुहान में 60 अन्य कश्मीरी छात्र के साथ मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। उसने भारत सरकार और पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि समय रहते उनको और उनके मित्रों को वुहान शहर से सुरक्षित निकाल लिया गया। रहमान ने अपना अनुभव सांझा करते हुए कहा कि कोरोना का मुकाबला करने के लिए लॉकडाउन बेहद जरूरी है। इसके जरिये ही इस बीमारी के संक्रमण को रोका जा सकता है।

पीएम मोदी ने निजाम से कहा कि वह चूंकि मेडिकल की पढ़ाई करते हैं तो ऐसे में लोगों को लॉक डाउन के महत्व के बारे में बताएं और समझाएं। तो छात्र ने बताया कि 14 दिन अलग थलग रहने के दौरान उन्हें कोई समस्या नही हुई, उन्हें अच्छा खाना दिया गया, खेलने को गेम्स दिए गए। इसलिए जो लोग क्वारनटाइन के दौरान रहते हैं वो भयभीत न हों।

इससे पहले मोदी ने समाज के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इनमें मेडिकल इक्विपमेंट और मेडिसिन मैन्यूफैक्चिरिंग इंडस्ट्री, पैरामेडिकल, ​प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल रहे. उन्होंने लोगों फीडबैक और सजेशन लिए, जिससे इस संकट के दौर में उनका भरोसा बढ़े।