MP के CM पद की शपथ लेने के तुरंत बाद एक्शन में आए शिवराज, कोरोनावायरस को लेकर किए बड़े फैसले

भोपाल: चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान राजभवन से सीधे मंत्रालय पहुंचे और कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए किए जा रहे बचाव और उपचार के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जबलपुर और भोपाल में कोरोना वायरस के प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए पूरी तरह लॉकडाउन करने के निर्देश दिए हैं।

इस दौरान सिर्फ अत्यावश्यक वस्तुएं और सेवाएं ही उपलब्ध रहेंगी। इन जिलों के शहरी क्षेत्र में पूरी तरह कर्फ्यू की स्थिति रहेगी। उन्होंने कहा कि यह कड़ा कदम लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की दृष्टि से उठाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने पूरी तरह लॉकडाउन की स्थिति में दूध, किराना, सब्जी और दवाई समेत अन्य अत्यावश्यक सामानों की सप्लाय चेन को और ज्यादा सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोगों के सहयोग से हम कोरोना को निष्प्रभावी करके ही दम लेंगे। मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि कोरोना प्रभावित जिलों की स्थिति की रोजाना समीक्षा होगी। अभी तक प्रदेश के 39 जिलों में लॉकडाउन की स्थिति है। मुख्यमंत्री शिवराज ने लोगों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए घरों से न निकलें और इसके बारे में जानकारी लेने के लिए टोल फ्री नम्बर 104 और 181 का भी उपयोग करें।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सतर्कता बरतें और लोगों को एक जगह जमा नहीं होने दें। कोरोना वायरस को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसके फैलाव की चेन को खत्म करें। यह तभी संभव है कि लोग आपस में न मिलें। सीएम शिवराज सिंह चौहान के कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में प्रोसेस इंडस्ट्री को चालू रखें ताकि कोरोना वायरस के फैलाव के लिए जरूरी उपकरण जैसे मास्क, सेनिटाइजर की कमी न पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में उपलब्ध पांच प्रयोगशालाओं की संख्या को बढ़ाकर 7 की जा रही है। सागर और ग्वालियर में नई प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। इन प्रयोगशालाओं को 24 घंटे खुला रखा जाएगा। फिलहाल एम्स भोपाल, आईसीएमआर जबलपुर, डीआरडीओ ग्वालियर, एमवाय हॉस्पिटल इंदौर, गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में प्रयोगशालाएं हैं। निजी अस्पतालों में जितना भी मेडिकल स्टाफ है उसको करोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए तैनात करने के निर्देश सीएम शिवराज ने दिए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों में आए पर्यटकों की विशेष जांच की जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ की मॉकड्रील कराएं ताकि वे संभावित प्रकरणों पर तत्परता के साथ नियंत्रण रख सकें. मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों पर एहतियात के तौर पर सूक्ष्म माइक्रो प्लान तैयार रखने के निर्देश देते हुए कहा कि इनमें बिस्तरों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित रखें। बैठक में मुख्य सचिव  एम गोपाल रेड्डी और सभी विभागों प्रमुख सचिव उपस्थित थे।