लॉकडाउन में असहयोग करने वालों के खिलाफ की जाए सख्त कार्रवाई : योगी

लखनऊ-उत्तर प्रदेश की सभी अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को निर्देश दिया कि लॉक डाउन में असहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। योगी ने लॉकडाउन को प्रभावी ढंग से लागू का निर्देश देते हुए कहा, “असहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी अंतरराज्यी र्और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह से सील किया जाए, ताकि लॉकडाउन के दौरान अनावश्यक यातायात को रोका जा सके। योगी ने यहां अपने सरकारी आवास पर कोरोना लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति से प्रभावित दिहाड़ी श्रमिकों, दैनिक कामगारों, विभिन्न प्रकार की पेंशन पाने वालों को दी जा रही राहत के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस से निपटने के लिए अस्पतालों में की गई व्यवस्थाओं पर गलत टिप्पणी कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने श्रम, नगर विकास तथा ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र लोगों के खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध करायी जाए। योगी ने कहा कि वृद्धावस्था, निराश्रित महिला तथा दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में अग्रिम धनराशि भेज दी जाए। उन्होंने खाद्य विभाग को निर्देश दिया कि सभी राशन की दुकानों में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें और राशन की हर दुकान पर साफ-सफाई के साथ ही, साबुन एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था अवश्य हो।

उन्होंने जौनपुर जनपद में कोरोना का एक केस पोजिटिव पाये जाने पर वहां भी लॉकडाउन लागू करने के निर्देश दिए। अब उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन जनपदों की संख्या बढ़कर 17 हो गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक है कि एक इंटीग्रेटेड व्यवस्था बनायी जाए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 16 जनपदों में लागू किए गए लॉक डाउन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने एक उत्कृष्ट और स्थायी आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के लिए कहा, ताकि किसी भी आकस्मिकता की स्थिति से निपटा जा सके। इस बीच एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत लॉक डाउन किए गए 16 जिलों में सोमवार को आईपीसी की धारा 188 के तहत 228 मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि 10754 वाहनों का चालान किया गया जबकि 645 वाहन सीज किए गए।