पश्चिम बंगाल में कोरोना से पहली मौत, मु्ख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिए लॉकडाउन के आदेश

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में सोमवार से पांच दिनों का लॉकडाउन शुरू होने और कोविड-19 से पहली मौत होने के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर कोरोना वायरस महामारी पर जागरूकता फैलाने के लिए आपस में हाथ मिलाने की अपील की। कोलकाता में कोरोना वायरस से संक्रमित 57 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की सोमवार को मौत हो गई। वह जीवन रक्षक प्रणाली पर था। पिछले सप्ताह जांच में उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। वह उत्तर 24 परगना जिले के दमदम का निवासी था।

एक निजी अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। उसे 16 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस बीच इस व्यक्ति की यात्रा को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। उसके परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि उसने कोई विदेश यात्रा नहीं की थी, उसने फरवरी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का दौरा किया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने यहां सर्वदलीय बैठक में कहा कि इस व्यक्ति और उसके परिवार ने इटली की यात्रा की थी जो यूरोप में इस बीमारी के केंद्र के रूप में उभरा था। उसके परिवार के सदस्यों को सरकारी अस्पताल के पृथक वार्ड में निगरानी में रखा गया है। उन्होंने इस बैठक के दौरान कांग्रेस नेता अब्दुल मनान से कहा, ‘‘मैंने केंद्र से और किट भेजने का अनुरोध किया है। हमारे पास पर्याप्त किट हैं।”

ममता ने राज्यभर में सार्वजनिक स्थानों पर कोविड -19 का परीक्षण करने के लिए नगरपालिकाओं एवं पंचायतों को शामिल करने का सुझाव दिया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संकट के मद्देनजर खाद्यान्न एवं जरूरी वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। कोविड-19 मरीज की मौत के बाद बनर्जी ने प्रशासन को इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए तत्काल उसका अंतिम संस्कार करने का आदेश दिया।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस व्यक्ति का शव उसके परिवार को नहीं दिया जाएगा एवं निर्धारित नियमों के अनुसार सोमवार रात को उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच कोलकाता एवं अन्य शहरी क्षेत्रों में लॉकडाउन शुरू हो गया एवं पुलिसकर्मी लोगों से अपने घर लौट जाने एवं दुकानदारों से दुकानें बंद करने का आग्रह करते हुए नजर आये।

सरकार ने कोलकाता नगर निगम, उत्तरी 24 परगना जिले के सभी निगम क्षेत्रों, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, पश्चिम बर्दवान, उत्तरी दिनाजपुर एवं हावड़ा जिलों में लॉकडाउन करने के लिए महामारी रोग अधिनियम, 1897 के प्रावधान लगा दिए। खाद्यान्न, राशन की चीजें, सब्जियां, फल, मांस, मछली, दूध, मेडिकल सेवाएं, घर पर आपूर्ति, पेट्रोल पंप, दवा दुकानें, आईटी सेक्टर एवं बैक, एटीएम आदि को छूट दी गई है।