गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर उठे सवाल, ओवैसी बोले- क्या यह इनाम है?

नई दिल्ली: कांग्रेस ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने को लेकर कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला, एमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी,  कपिल सिब्बल  ने सवाल खड़े किए हैं। एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्विअर वॉल पर लिखा कि क्या यह ‘इनाम है’? लोगों को जजों की स्वतंत्रता में यकीन कैसे रहेगा? कई सवाल हैं।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को ट्विटर पर दो खबरें शेयर करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने जो खबरें शेयर की हैं उनमें से एक में गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किये जाने की है और दूसरी में कहा गया है कि न्यायपालिका पर जनता का विश्वास कम होता जा रहा है। सुरजेवाला ने ये खबरें शेयर करते हुए कहा, तस्वीरें सबकुछ बयां करती हैं।

न्यायपालिका और खुद की ईमानदारी से समझौते के लिए याद किए जाएंगे गोगोई: सिब्बल
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने दावा किया कि गोगोई न्यायपालिका और खुद की ईमानदारी से समझौता करने के लिए याद किए जाएंगे।  सिब्बल ने मंगलवार को ट्वीट किया, न्यायमूर्ति एच आर खन्ना अपनी ईमानदारी, सरकार के सामने खड़े होने और कानून का शासन बरकरार रखने के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि न्यायमूर्ति गोगोई राज्यसभा जाने की खातिर सरकार के साथ खड़े होने और सरकार और खुद की ईमानदारी के साथ समझौता करने के लिए याद किए जाएंगे। दरअसल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को गोगोई का नाम राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। गोगोई 17 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके सेवानिवृत्त होने से पहले उन्हीं की अध्यक्षता में बनी पीठ ने अयोध्या मामले और कुछ अन्य महत्वपूर्ण मामलों में फैसला सुनाया था।