हंगामे की भेंट चढ़ी छत्तीसगढ़ विधानसभा, कोरोना के चलते 25 मार्च तक की गई स्थगित

रायपुर। कोरोना की वजह से 25 मार्च तक स्थगित की गई छत्तीसगढ़ विधानसभा की सोमवार को हुई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन की कार्यवाही स्थगित किए जाने का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्य गर्भगृह (वेल) में पहुंच कर नारेबाजी करने लगे। कार्यसूची फाड़ कर अध्यक्ष की तरफ उड़ा दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके इस व्यवहार को दुर्भाग्यजनक बताया।

वहीं, विपक्ष ने इसे राज्य के संसदीय इतिहास का काला दिन करार दिया है। तीन दिन पहले ही कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में कार्यवाही 25 मार्च तक स्थगित करने का फैसला किया गया था। यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया को दी थी। इसके बावजूद नियम प्रक्रिया का हवाला देते हुए सोमवार को सदन की बैठक बुलाई गई। विधानसभा सचिवालय के अनुसार बजट सत्र 26 फरवरी से शुरू हुआ है। अभी होली का अवकाश था। नियमानुसार सदन स्थगित किए जाने की सूचना सदन के अंदर देना जरी है। इसी वजह से सोमवार को बैठक बुलाई गई थी।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा

सोमवार को सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कोरोना के खतरे को देखते हुए सभा स्थगित करने का आग्रह किया। इस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति करते हुए प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दी।

विपक्ष का वेल में धरना

सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दूसरी बार शुरू होते ही अध्यक्ष डॉ. महंत ने कार्यमंत्रणा समिति के निर्णय को पढ़ाना शुरू किया। नाराज विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। इस दौरान सदस्यों ने कार्यसूची फाड़ दी और अध्यक्ष की तरफ उछाल दिया। इसके बावजूद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च सुबह 11 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर, कार्यवाही भी स्थगित कर दी। इसके बाद भी विपक्ष के सदस्य वेल में ही धरने पर बैठे रहे।

पहली बार अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

सदन में अध्यक्ष डॉ. महंत के व्यवहार से प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के सदस्य बेहद खफा हैं। उन्होंने इसको लेकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी है।

भाजपा विधायक पर विशेषाधिकार भंग का आरोप

कांग्रेस के विधायकों ने भाजपा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ विशेषाधिकार भंग की सूचना दी है। कांग्रेस विधायक सत्यानाराण के इस आवेदन पर 20 विधायकों ने हस्ताक्षर किया है।