चक्रवात तूफान ‘वायु’ 24 घंटों के दौरान ले सकता है भीषण रूप, 120Km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

नई दिल्ली: अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी-मध्य क्षेत्र के ऊपर बन रहा चक्रवाती तूफान ‘वायु’ 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को एक बुलेटिन जारी कर यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान 11 जून को तड़के 2 बजकर 30 मिनट पर अरब सागर के पूर्वी-मध्य हिस्से के ऊपर पहुंच गया। तूफान ‘वायु’ अभी लक्षद्वीप से 410 किलोमीटर, मुंबई से 600 किलोमीटर तथा गुजरात से 740 किलोमीटर की दूरी पर बना हुआ है। तूफान के अगले 24 घंटों के दौरान भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। तूफान ‘वायु’ के 13 जून की सुबह तक गुजरात के पोरबंदर और महुआ तट तक पहुंचने की आशंका है। ‘वायु’ के कारण 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने भयंकर चक्रवाती तूफान में बदलने का पूर्वानुमान जारी करते हुए केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक के तटीय इलाकों तथा सौराष्ट्र एवं कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है तथा मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इस बार चक्रवात तूफान का नाम भारत ने रखा है। भारत ने तूफान को ‘वायु’ नाम दिया है। 12 जून को केरल में और 13 जून को सौराष्ट्र तथा कच्छ में भारी से काफी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन इलाकों में 14 जून तक अच्छी बारिश की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण कर्नाटक के अंदरूनी हिस्से, कोंकण और गोवा में भी 10 जून से 14 जून के बीच बारिश हो सकती है।
इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तथा लक्षद्वीप के आसपास, केरल तट के पास तथा कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में मछुआरों को 11 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। पूर्वी-मध्य अरब सागर और महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में 11 और 12 जून को तथा उत्तर-पूर्वी अरब सागर और गुजरात के तटवर्ती इलाकों में 12 और 13 जून को मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो मछुआरे समुद्र में हैं उन्हें वापस लौट आने की सलाह दी गई है।

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