Delhi Violence : निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन का भाई शाह आलम हिरासत में

नई दिल्ली। इंटेलिजेंस ब्यूरो के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या (Intelligence Bureau Officer Ankit Sharma murder case) में जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अब AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को भी हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि अंकित शर्मा की हत्या को लेकर क्राइम ब्रांच शाह आलम से पूछताछ कर रही है।

बताया जा रहा है कि शाह आलम चांद बाग इलाके में हुई हिंसा में शामिल था, हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने जहां ताहिर हुसैन पर चार केस दर्ज किए है, तो वहीं उसके छोटे भाई शाह आलम पर एक भी मामला अब तक दर्ज नहीं किया है।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, शाह आलम चांद बाग इलाके में हुई हिंसा के दौरान मौजूद था। हिंसक प्रदर्शन के दौरान वहां पर मौजूद एक प्रत्य़क्षदर्शी ने दावा किया है कि घटना के दौरान शाह आलम भी मौजूद था।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24-25 फरवरी को हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है और कुछ और लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।

वहीं, उत्तर-पूर्वी जिले में हुए दंगे के आरोपित और पार्षद ताहिर हुसैन के मैनेजर तारिक रिजवी को कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत दे दी है। वहीं, तारिक के दो साथियों (पिता-पुत्र) को पुलिस ने न्यायिक और पुलिस हिरासत में भेज दिया है। रविवार को कोर्ट ने तारिक के साथी रियासत अली को तीन दिन की पुलिस हिरासत और उनके पिता लियाकत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ड्यूटी मजिस्ट्रेट ऋचा परिहार की कोर्ट में रविवार को क्राइम ब्रांच ने रियासत और लियाकत को पेश किया। इसी दौरान तारिक के वकील ने जमानत अर्जी लगाई। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि रियासत और लियाकत 24-25 फरवरी को चांद बा इलाके में हुई हिंसा के दौरान ताहिर हुसैन के घर की छत पर मौजूद थे। इन दोनों ने छत से लोगों पर पथराव किया और गुलेल से लोगों के घरों पर पेट्रोल बम भी फेंके, जबकि रिजवी ने ताहिर के साथ मिलकर इलाके में दंगा भड़काने में उसकी मदद की। पुलिस ने रिजवी पर ताहिर के साथ मिलकर आइबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या करने का भी आरोप लगाया।

पुलिस ने आगे कहा कि रियासत, लियाकत और रिजवी ने ताहिर के साथ मिलकर हिंसा भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई। हिंसा के दौरान रिजवी ने ही ताहिर को अपने घर में छिपने में मदद की थी। हिंसा के बाद से ये सभी आरोपित फरार थे। इसके बाद कोर्ट ने तारिक रिजवी को जमानत दे दी और पिता-पुत्र को हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने हिंसा के दौरान ताहिर के घर की छत से भारी मात्रा में पेट्रोल बम, पत्थर और गुलेल बरामद किया था।

करावल नगर पुश्ता के पास एक युवक का शव बरामद

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के बाद शवों के मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा है। नालों से शव मिलने के बाद रविवार को करावल नगर पुश्ता के पास एक युवक का शव बरामद हुआ है। यहां कोई नाला नहीं है, लेकिन बारिश का पानी जमा हुआ था इसमें से शव बरामद हुआ। शव पांच से छह दिन पुराना बताया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। युवक की मौत दंगों के दौरान हुई या किसी अन्य कारणों से, इसका पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा। अगर दंगे में मौत हुई तो मृतकों का आंकड़ा 54 पहुंच जाएगा। शव काफी सड़-गल चुका है, ऐसे में उसकी पहचान में दिक्कत आ रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद पहचान के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।