प्रकाश जावड़ेकर बोले- मोदी सरकार में नहीं हुआ एक भी बम धमाका, उठाए गए हैं कड़े कदम

पुणे। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि मोदी सरकार के दौरान जनता की सुरक्षा पर विशेष ध्‍यान दिया गया है। बीते छह सालों में नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान एक भी बम धमाका देश में नहीं हुआ है। यह देश में सुरक्षा के पुख्‍ता किए गए इंतेजाम का ही परिणाम है। जावड़ेकर ने यह बात जनऔषधी दिवस के अवसर पर बीजे मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।

जावड़ेकर ने इस कार्यक्रम के दौरान बताया कि मोदी सरकार ने लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर विशेष ध्‍यान देते कई जनकल्‍याणकारी योजनाओं को आरंभ किया है। उन्‍होंने कहा कि गरीबों को किफायती स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं मुहैया कराना प्रधानमंत्री का मंत्र है। जावड़ेकर ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा दवाइयों, स्टेंट्स और प्रतिरोपण के दाम कम करना, जन औषधि दुकानें खोलना, आयुष्मान भारत योजना और बीमारियों को दूर भगाने के लिए योग तथा फिट इंडिया अभियान चलाने जैसे प्रयास और विभिन्न योजनाएं गरीबों के लिए उनकी चिंता को दिखाती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कहा कि मोदी सरकार के सत्‍ता में आने से पहले देश में आए दिन विभिन्न शहरों में बम धमाकेहोते रहते थे। ये बात किसी से छिपी नहीं है। मोदी सरकार के आने से पहले 10-25 वर्षों तक हमने पुणे, वडोदरा, अहमदनगर, दिल्ली और मुंबई में बम धमाके देखे। तब हर आठ से दस दिनों में धमाके होते थे। काफी लोग इन बम धमाकों में मारे भी जाते रहे हैं। हालांकि, पिछले छह वर्षों में धमाके की एक भी घटना नहीं हुई। देश में यह माहौल ऐसे ही नहीं बना है, बल्कि प्रधानमंत्री द्वारा उठाए कुछ कड़े कदमों का नतीजा है, जो पिछली सरकार में नहीं लिए गए थे।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जनऔषधि दिवस के मौके पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विभिन्‍न जनऔषधि केंद्रों से बात की। इस दौरान स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जेपी नड्डा ने भी पूरे मनोयोग से प्रधानमंत्री मोदी को सुना। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जन औषधि केंद्रों की उपलब्‍धियां गिनाई और सबसे पहले असम के गुवाहाटी में मौजूद केंद्र के कार्यकर्ताओं से चर्चा की। पीएम मोदी ने बताया कि मार्केट में कैंसर की दवा 6,500 रुपये में मिलती है, लेकिन जनऔषधि केंद्र में इसके दाम सिर्फ 850 रुपये हैं। इस तरह से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की कीमत में कमी आई है। करोड़ों गरीब और मध्‍यम वर्ग के लोगों को इससे मदद मिल रही है।