दिग्विजय सिंह के MLA भाई ने CM कमलनाथ की सद्बुद्धि के लिए शुरू की गिरिराज पर्वत की परिक्रमा

गुना: मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार खुद को हॉर्स ट्रेडिंग के सदमे से उबारने में जुटी हुई है। इसी बीच राज्य सरकार के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और चाचौड़ा से कांग्रेसी विधायक लक्ष्मण सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की सद्बुद्धि के लिए मथुरा में गिरिराज पर्वत की परिक्रमा शुरू कर दी है। चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग को लेकर विधायक लक्ष्मण सिंह एक बार फिर सीएम कमलनाथ के खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे हैं। चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग को लेकर मथुरा रवाना हुए लक्ष्मण सिंह ने बयान देते कहा की मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वादा किया था कि चाचौड़ा को जल्द से जल्द जिले का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री अब अपनी ही बात से पलट रहे हैं।

लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जब मुख्यमंत्री अपने वादे से पलटेंगे तो फिर जनता और विधायक उनके ऊपर कैसे विश्वास करेंगे लक्ष्मण सिंह ने कहा कि सद्बुद्धि के लिए वे गिरिराज पर्वत की परिक्रमा करने जा रहे हैं। लक्ष्मण सिंह के साथ उनके कई समर्थक भी परिक्रमा करने के लिए रवाना हो गए हैं।

लेट नाइट पॉलिटिक्स में विश्वास नहीं- लक्ष्मण सिंह
वहीं लक्ष्मण सिंह ने हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में खुद को दूर करते हुए आश्वासन दिया की वे कांग्रेस पार्टी में ही रहते हुए राजनीति करेंगे। विधायक लक्ष्मण सिंह ने बयान देते हुए कहा कि वे एक किसान हैं जो रात को 10 बजे सो जाते हैं। लेट नाइट पॉलिटिक्स करना लक्ष्मण सिंह की फितरत में नहीं है, जो लोग लेट नाइट पॉलिटिक्स में विश्वास रखते हैं उनसे जाकर हॉर्स ट्रेडिंग के विषय में सवाल किया जाए।

अपने बेबाक बयानबाजी के चलते लक्ष्मण सिंह ने कमलनाथ सरकार की परेशानियों को बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ बीजेपी के साथ साथ अपनी ही पार्टी के नेताओं के रडार पर आ गए हैं। दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह आए दिन सीएम कमलनाथ को घेरने में जुटे हुए हैं।

दिग्विजय सिंह बने संकटमोचक, लक्ष्मण ने बढ़ाई परेशानी
हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में कमलनाथ सरकार को संजीवनी देते हुए जहां दिग्विजय सिंह ने संकटमोचक की भूमिका निभाई है, वहीं उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह लगातार सीएम कमलनाथ को घेरने में जुटे हुए हैं। चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग पर अड़े लक्ष्मण सिंह लगातार सूबे के मुखिया कमलनाथ के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।