मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल, खतरे में कमलनाथ सरकार, 10 विधायक लापता

दिल्ली/भोपाल: मध्‍य प्रदेश की कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। कुछ विधायकों के गुरुग्राम के एक होटल में होने की खबरों के बाद कमलनाथ सरकार पर एक बार फिर मुश्किलों में घिर गई है। बीजेपी पर कांग्रेस के 10-11 विधायकों को मानेसर स्थि‍त ITC मौर्या होटल में बंधक बनाने का आरोप लगा है। इस बीच, सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि इन सभी विधायकों को कर्नाटक (Karnataka) के एक रिजॉर्ट में भेजा जा सकता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के अनुसार, होटल में 10-11 विधायक थे, जिनमें 6 विधायक कांग्रेस कैंप में लौट आए हैं और बाकी के 4 विधायकों को बीजेपी ने बेंगलुरु भेज दिया है लेकिन वो भी जल्द ही लौट आएंगे। जो विधायक होटल पहुंचे थे, उनमें कांग्रेस के 4 विधायक थे। इसके अलावा बीएसपी और समाजवादी पार्टी के भी विधायक थे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार सुरक्षित थी, है और रहेगी।

सूत्रों की माने तो गुड़गाव में कांग्रेस के एंदल सिंह कंसाना, हरदीप सिंह डांग, बसपा की राम बाई, सपा के राजेश शुक्ला, निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा, बिसाहू सिंह, संजीव कुशवाहा समेत 10 विधायकों को हरियार के एक होटल आईटीसी ग्रैंड में रूके हुए हैं। उनके साथ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह, अरविंद सिंह भदौरिया और संजय पाठक भी मौजूद हैं। इसके बाद कांग्रेस ने मंत्री जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी को तत्काल दिल्ली रवाना किया। वहीं, दिग्विजय सिंह भी होटल पहुंचे।

बताया जा रहा है कि तीनों नेताओं को हरियाणा पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया था। इस बीच दिग्विजय सिंह की तीखी बहस भी हुई। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा ने विधायकों के साथ मारपीट भी की है। इसी बीच मंगलवार शाम पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह दिल्ली रवाना हुए हैं।

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि, “कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने हमें फोन किया और बताया कि हमें (विधायकों) गुरुग्राम के आईटीसी होटल में जबरन रखा गया है और जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। एक विधायक का फोन आने के बाद हमारे दो मंत्री जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी गुरुग्राम के होटल में आठ विधायकों से मिलने पहुंचे थे लेकिन उन्हें होटल के अंदर जाने नहीं दिया गया।”