दिल्ली हिंसाः ईरान की नसीहत पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, राजदूत किया तलब

दिल्ली हिंसा की आंच विदेशों तक पहुंच गई है। इस सांप्रदायिक हिंसा पर विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया आने के बाद अब ईरान ने भी टिप्पणी की है। ईरान के विदेश मंत्री जावेद ज़रीफ़ ने 2 मार्च को किए ट्वीट में दिल्ली हिंसा की निंदा करते हुए लिखा, “ईरान भारतीय मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुई संगठित हिंसा की निंदा करता है।” ज़रीफ़ ने लिखा, ” ईरान सदियों से भारत का दोस्त रहा है। हम भारत से आग्रह करते हैं कि वे सभी भारतीयों का ख़्याल रखे और उनके साथ कोई अन्याय ना होने दे। भारत ने मंगलवार को इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए ईरान के राजदूत अली चेगेनी को तलब किया है।

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दिल्ली हिंसा के बारे में ईरान के विदेश मंत्री जवाद जाफरी द्वारा की गई टिप्पणी का विरोध करते हुए  ईरान के राजदूत को बताया गया कि जाफरी ने जिस मामले पर टिप्पणी की, वह पूरी तरह से भारत का आतंरिक मामला है।  शांतिपूर्ण संवाद और क़ानून के शासन में ही आगे का रास्ता निहित है। ” गौरतलब है कि इससे पहले तुर्की, पाकिस्तान और अमरीका के राजनेताओं भी दिल्ली हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दिल्ली हिंसा की तुलना जर्मनी में हुए यहूदियों के नरसंहार से की थी।

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इमरान ख़ान ने लिखा था , “मुसलमानों के जला दिए गए घरों और दुकानों की तस्वीरें सामने आ रही हैं।मुसलमानों से हिंसा, मस्जिदों और क़ब्रगाहों पर हमले वैसे ही हैं, जैसे नाज़ी जर्मनी में यहूदियों की सामूहिक हत्या के रूप में हुआ करती थी। उन्होंने लिखा, मोदी की फासीवादी नस्लवादी सरकार की बर्बर सच्चाई को दुनिया को समझना चाहिए और इसे रोकना चाहिए।”दिल्ली हिंसा के विरोध में बांग्लादेश में कई जगहों पर प्रदर्शन हुआ और कई इस्लामिक पार्टियों ने शेख़ मुजीबुर रहमान की सौवीं जयंती पर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए आमंत्रण को रद्द करने की माँग भी की है।