दिल्ली हिंसा में अब तक 167 FIR दर्ज, 885 लोग गिरफ्तार

नई दिल्लीः उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगाग्रस्त क्षेत्रों में धीरे-धीरे जनजीवन पटरी पर लौटने के साथ ही पुलिस ने दंगाइयों पर नकेल कसनी शुरु कर दी है और अब तक 167 प्राथमिकी दर्ज कर 885 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया अथवा गिरफ्तार किया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजपुर, चांद बाग, गोकुलपुरी, खजूरी समेत कई अन्य क्षेत्रों में इस सप्ताह के शुरु में नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) को लेकर दंगे हुए थे जिसमें अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 300 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मृतकों में दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल रतन लाल और खुफिया ब्यूरो का जवान अंकित शर्मा भी शामिल हैं।
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दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार को स्थिति को पूरी तरह सामान्य एवं नियंत्रण में होने का दावा करते हुए बताया कि दंगों के सिलसिले में 167 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है जिसमें 36 मामले आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किये गये हैं। उन्होंने बताया कि दंगाइयों की पहचान कर उन्हें शिकंजे में लेने का काम तेजी से जारी है। अब तक 885 लोगों को हिरासत में लिया अथवा गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी विभिन्न सोशल मीडिया वेबसाइट पर भड़काऊ पोस्ट लिखने के लिए 13 मामले दर्ज किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अवैध और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार करने के लिए कई सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए गए हैं।

सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया को ऑनलाइन प्लेटफार्म का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने का परामर्श जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि लोगों से भी अपील की गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने में सावधानी बरतें। हिंसा में अब तक 42 लोगों की मौत हो गई है और 250 लोग घायल हो गए हैं।

दंगों की जांच के लिए विशेष कार्यबल (एसआईटी) गठित किया गया है। एसआईटी की एक टीम के मुखिया उपायुक्त जॉय टिर्की जबकि दूसरी टीम की कमान उपायुक्त राजेश देव के पास है। एसआईटी अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त बी के सिंह की अगुआई में काम कर रही है। दोनों टीमों ने तत्काल प्रभाव से हिंसा और उपद्रव से जुड़े मामलों की जांच का जिम्मा संभाल लिया है। इसके बाद अब दिल्ली हिंसा से जुड़ी सभी प्राथमिकियां एसआईटी को सौंपी जा रही हैं।