कम ​हो सकता है EMI का बोझ, RBI गवर्नर ने दिए ब्याज दर में कटौती के संदेश

रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांता दास ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा पिछले साल नीतिगत ब्याज दरों में की गयी कटौती का ज्यादा लाभ बैंक धीरे-धीरे ग्राहकों को दे रहे हैं तथा भविष्य में वाणिज्यक बैंकों की ब्याज दरों में और गिरावट की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में दास ने कहा कि नीतिगत दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को देने के मामले में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बैंकों की ओर से ऋण दरों में कटौती बढ़ी है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की दिसंबर में हुुई बैठक तक ब्याज दरों में औसतन 0.49 प्रतिशत की कटौती की थी जबकि फरवरी की बैठक तक यह कटौती बढ़कर 0.69 प्रतिशत पर पहुंच गयी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ब्याज दरों में कटौती का यह क्रम जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही शक्तिकांत दास ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट छह फीसद रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष की आर्थिक समीक्षा के आधार पर अगले वर्ष की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान लगया गया है। इससे पहले वित्त मंत्री सीतारमण ने केंद्रीय बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में आरबीआई बोर्ड को संबोधित किया। हर साल बजट के बाद वित्त मंत्री केंद्रीय बैंक के बोर्ड  को संबोधित करते हैं और विभिन्न वित्तीय मसलों पर चर्चा होती है।