मध्यप्रदेश में लचर शिक्षा व्यवस्था, 67,902 स्कूल में नहीं बिजली और पानी

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सरोटीपुरा के एक प्राथमिक स्कूल ना बिजली है और ना ही पानी का कनेक्शन है। हालांकि, यह अकेला ऐसा स्कूल नहीं है क्योंकि राज्य में ऐसे 67,902 स्कूल मौजूद हैं, जिनमें बुनियादी सुविधाओं की कमी है।

प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक अनूप सिंह ने मीडिया को बताया कि यहां बिजली या पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ही कमरा है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाना बहुत ही मुश्किल है। हम एक ही कमरे में दीवार के विभिन्न किनारों पर बोर्ड लगाते हैं जो हमारे पास हैं और हम उनका अध्ययन करते हैं। आश्वासन मिला लेकिन प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली है।

आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 855 स्कूल हैं जो बिना बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के भोपाल राज्य की राजधानी में काम करते हैं, जबकि छिंदवाड़ा जिले में मुख्यमंत्री कमलनाथ का घर है, 2,620 स्कूल इसी तरह काम कर रहे हैं।