NDA की बैठक में शामिल नहीं होगी शिवसेना, BJP से नाता टूटना तय

मुंबई: शिवसेना ने कहा है कि वह संसद के 18 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से पूर्व रविवार को दिल्ली में होने वाली एन.डी.ए. घटक दलों की बैठक में शामिल नहीं होगी। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन से उसका बाहर निकलना लगभग तय है।

महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए कांग्रेस और राकांपा के साथ बातचीत के बीच शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा पार्टी चाहती है कि उनके अध्यक्ष उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनें। शिवसेना ने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा राज्य में ‘खरीदफरोख्त’ में लिप्त होने की है। राउत ने कहा कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस महाराष्ट्र में न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सी.एम.पी.) पर आमसहमति पर पहुंच गए हैं और दिल्ली में इस पर चर्चा की कोई जरूरत नहीं है।

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने पुणे में रविवार को राकांपा कोर समिति की एक बैठक बुलाई है। सूत्रों ने बताया कि वह अगले सप्ताह दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मिल सकते है। सी.एम.पी. तथा शिवसेना के साथ गठबंधन बनाने के अन्य तौर-तरीकों पर चर्चा के लिए उनके कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलने की संभावना है।

विपक्ष में बैठेगी शिवसेना

शिवसेना के लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष में बैठे दिखेंगे। शिवसेना के सभी सांसदों को अब विपक्ष की कतार में कुर्सियां मिलेंगी। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत अभी राज्यसभा में सत्ता पक्ष की तरफ 38 नंबर की सीट पर बैठते थे। सूत्रों के मुताबिक, अब वह विपक्षी कतार में 198 नंबर की सीट पर बैठेंगे। शिवसेना के 2 अन्य राज्यसभा सांसदों की कुर्सी भी राउत के आसपास रहेगी। वहीं लोकसभा में शिवसेना के 18 सांसदों का सीटिंग अरेंजमैंट भी विपक्षी कतार में किया गया है।