कमलनाथ के फैसले से नाराज मेडिकल अफसर, पुनर्विचार की उठी मांग

भोपाल: प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थय हालातों के सुधारने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की सीधी भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो, इसके लिए ‘राइट टू हेल्थ’ की दिशा में विचार किया जाए। लेकिन प्रदेश सरकार के इस अनोखे फैसले से सरकारी डॉक्टर नाराज हो गए है और उन्होंने इसका विरोध शुरु कर दिया है।

डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को पहले पोस्ट ग्रेजुएट कर चुके डॉक्टरों की भर्ती करनी चाहिए। उसके बाद नई भर्ती करनी चाहिए। वही उन्होंने समय सीमा बढ़ाने पर भी पुनर्विचार की बात कही है। उन्होंने कहा था कि मरीजों की विशेषकर, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की सुविधा को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के उपलब्ध रहने का समय पूर्वान्ह 9 से अपरान्ह 4 बजे तक निर्धारित किया जाना चाहिए।

सीएम कमलनाथ सरकार के इस फैसले के विरोध में मेडिकल ऑफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर देवेंद्र गोस्वामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे, क्योंकि प्रदेश में 700 के करीब पोस्ट ग्रैजुएट डॉक्टर ऐसे हैं जो स्पेशलिस्ट नहीं बन पाए हैं तथा अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। यदि सीधी स्पेशलिस्टो की भर्ती होगी तो पहले से कार्यरत डॉ उनसे जूनियर हो जाएंगे। साथ ही ऐसे डॉक्टरों का आने वाले भविष्य मे करियर सुरक्षित हो सके। वही डॉक्टरों का समय बढ़ाए जाने पर गोस्वामी ने कहा कि सरकार को इस पर फिर से विचार करना चाहिए।

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