Delhi NCR Pollution 2019: खतरनाक स्तर पर पहुंचा AQI, दिल्ली-NCR में इमरजेंसी जैसे हालात

नई दिल्ली। Delhi NCR Pollution 2019: पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के चलते दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 400 के पार है।

 Delhi NCR Pollution 2019:

आरके पुरम, दिल्ली : 447 (AQI)

नोएडा, उत्तर प्रदेश : 472 (AQI)

ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश : 458 (AQI)

इससे पहले कुछ दिनों की आंशिक राहत के बाद दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को वायु प्रदूषण फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया। पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्र में भी इजाफा हुआ। हवा में पराली के धुएं की मात्र बढ़ने से एयर इंडेक्स 400 पार यानी गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। पराली के धुएं के साथ हवा की बदली दिशा और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजधानी फिर गैस चैंबर बन गई है। नवंबर में दूसरी बार इस तरह इमरजेंसी वाले हालात बने हैं। दो दिन बाद हवा की रफ्तार बढ़ने के बाद ही राहत मिल सकती है।

दिल्ली के एयर इंडेक्स में मंगलवार को 65 अंकों की वृद्धि हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 360 था जो मंगलवार को 425 पहुंच गया। इसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। शाम चार बजे हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 की मात्र 464 और पीएम 2.5 की मात्र 317 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। मानकों के अनुसार, हवा में पीएम 10 कणों की मात्र 100 और पीएम 2.5 कणों की मात्र 60 से नीचे रहनी चाहिए।

पानीपत रहा देश का सबसे प्रदूषित शहर

देश का सबसे प्रदूषित जिला हरियाणा का पानीपत रहा, जहां एयर इंडेक्स 458 था। वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रलय की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था सफर के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 467 रहा। सफर के अनुसार सोमवार को हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के 740 मामले सामने आए। इनकी संख्या भले कम है, लेकिन हवाओं की दिशा की वजह से पराली का धुआं आसानी से दिल्ली आ रहा है। मंगलवार को पराली के धुएं ने राजधानी को 25 फीसद तक प्रदूषित किया, जबकि बुधवार को 22 फीसद तक प्रदूषित करेगा।

पराली के धुएं व स्थानीय स्नोतों से होने वाले प्रदूषण के चलते एनसीआर के आसमान पर स्मॉग की परत छाई हुई है। इस कारण दिन में दृश्यता भी प्रभावित हुई। 15 नवंबर से स्थिति में थोड़ा सुधार आने की संभावना है। सीपीसीबी के अनुसार, इस समय लोगों को घर से बाहर नहीं रहना चाहिए।