महाराष्ट्र में सियासी संग्राम: शिवसेना की BJP को दो टूक, कोई प्रस्ताव न आएगा, न जाएगा

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद पिछले 11 दिन से सरकार बनाने को लेकर जारी खींचतान के बीच शिवसेना ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर जो सहमति बनी थी, उसी पर हमने चुनाव लड़ा था, उसी पर गठबंधन हुआ था.।कोई प्रस्ताव ना आएगा, ना जाएगा, जो प्रस्ताव तय हुआ था सिर्फ उस पर बात होनी चाहिए।

 राउत ने सरकार गठन को लेकर किसी भी नए प्रस्ताव की खबर को खारिज करते हुए कहा कि शिवसेना चुनाव से पहले तय हुई स्थिति पर ही सरकार गठन को राजी होगी। उन्होंने कहा,  नए प्रस्ताव पर समय क्यों बर्बाद करें। हम पहले तय हुई बातों पर चर्चा करना चाहते हैं। कोई नया प्रस्ताव न मिला है और न भेजा गया है।” राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने की खबरों पर राउत ने कहा, हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रचने वाले लोग जनादेश का अपमान कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण नष्ट हुई फसलों से प्रभावित जिन-जिन क्षेत्रों का भी उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने दौरा किया है, वहां किसान और कामकाजी वर्ग उन्हें उम्मीदों से देख रहा है। उन्होंने कहा, सभी शिवसेना का मुख्यमंत्री देखने को उत्सुक हैं।

राउत ने इस सवाल का उत्तर देने से इनकार कर दिया कि क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) मुख्यमंत्री पद साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, च्च् हम इस बारे में बात करेंगे। शरद पवार ने नेतृत्व वाली राकांपा ने मंगलवार को कहा था कि शिवसेना द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन समाप्त करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में एक नए राजनीतिक विकल्प पर विचार किया जा सकता है। राकांपा से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि उनकी पार्टी शिवसेना के साथ बातचीत आगे बढ़ाने से पहले चाहती है कि केन्द्र सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत इस्तीफा दें।