हेलिकॉप्टर से उतरे 70 अमेरिकी डेल्टा कमांडो, सुरंग में छिपे बगदादी के खात्मे की पूरी कहानी

दमिश्क: सीरिया के इदलिब प्रांत के सुदूर गांव बारिशा में लोगों को शनिवार की रात को शोर सुनाई दिया। कुछ ही देर में लोगों को यह साफ  हो गया कि यह मिलिट्री का मूवमैंट है लेकिन यह हर रोज होने वाली लड़ाई नहीं थी बल्कि ऑटोमैटिक गनों से दुनिया को दहशत में डालने वाले इस्लामिक स्टेट (आई.एस.) के आतंकी हथियार डाल चुके थे। डेली मेल की रिपोर्ट मुताबिक आई.एस. के हथियारबंद आतंकियों के लिए अमरीका का यह सरप्राइज अटैक हैरान करने वाला था। यहां अमरीकी सैनिक हाई-प्रोफाइल आतंकी अबू बकर-अल बगदादी की तलाश करते हुए पहुंचे थे। दुनिया के सबसे खूंखार आदमी को मारे जाने की यह कार्रवाई पूरी तरह से फिल्मी अंदाज में की गई।  अमरीकी सेना के 70 कुशल डेल्टा कमांडोज को जमीन पर उतारा गया और फिर उन्होंने बगदादी के उस गुफानुमा बंकर को घेर लिया जिसमें छिपकर वह दुनिया में दहशत फैलाने की योजनाएं बनाता था।

भागते-भागते गिड़गिड़ा रहा था बगदादी
अपने आपको घिरा देख बगदादी इधर-उधर भाग
रहा था। खबरों के मुताबिक वह रो और गिड़गिड़ा भी रहा था। फिर आखिर में कोई रास्ता न देख उसने कमर में बंधी विस्फोटक बैल्ट से खुद को उड़ा लिया। इस धमाके में उसके 3 बच्चे भी मारे गए।

मुख्य दरवाजे की बजाय दीवार को उड़ाया
बगदादी की गुफा को घेरने के बाद पूरी सावधानी से डेल्टा कमांडो आगे बढ़ रहे थे। गुफा के दरवाजे को खोलने में रिस्क था। आशंका थी कि उसकी आड़ में कही भारी विस्फोटक लेकर आतंकी न बैठे हों। ऐसे में कमांडोज ने गुफा की एक दीवार को ही उड़ा दिया।
अंदर बगदादी की 2 पत्नियां भी थीं जिन्होंने कमर में विस्फोटक बैल्ट भी बांध रखी थीं लेकिन खुद को उड़ाया नहीं। दोनों ही अमरीकी कमांडोज और आतंकियों के बीच हुई फायरिंग में मारी गईं। अमरीकी सेना ने बड़ी संख्या में बगदादी के लड़ाकों को निपटा दिया था।

अमरीकी सैनिकों के साथ थे कुत्ते और रोबोट
अमरीकी कमांडोज के पास हथियारों के अलावा उच्च प्रशिक्षित कुत्ते और एक रोबोट भी था जो किसी भी तरह के आत्मघाती हमले का सामना कर सके। अमरीकी कमांडोज के 2 ही मकसद थे- बगदादी को पकडऩा या ढेर करना।

मौके पर ही डी.एन.ए. टैस्ट कर बगदादी के ढेर होने का ऐलान
बगदादी के आत्मघाती विस्फोट के बाद धुआं छा गया। किसी तरह से अमरीकी सैनिक खोजते हुए पहुंचे तो पाया कि बगदादी मर चुका है। हालांकि उसके शरीर के ही अंगों का उन्होंने एक छोटी सी फील्ड किट के जरिए डी.एन.ए. टैस्ट किया। इसमें बगदादी की पहचान की पुष्टि होने के बाद पूरी दुनिया में यह खबर फैल गई।

अब तक कई बार मारा जा चुका है बगदादी
कभी ब्रिटिश पत्रकार का गला काटने का वीडियो जारी कर दुनिया भर में खौफ  कायम करने वाला बगदादी दुनिया के सबसे खूंखार और ङ्क्षहसक संगठन आई.एस. का संस्थापक और सरगना था। उसके मारे जाने की कई बार घोषणाएं की जा चुकी हैं।

पहली मौत: 6 सितम्बर, 2014
बगदादी की मौत की पहली खबर 6 सितम्बर, 2014 को जारी हुई थी। कहा गया था कि गठबंधन सेनाओं के हवाई हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। इससे कुछ समय पहले ही आई.एस. ने ब्रिटिश पत्रकार का गला काटने के वीडियो को जारी किया था लेकिन 13 नवम्बर, 2014 को बगदादी का एक आडियो संदेश जारी हुआ जिसने उसकी मौत को लेकर किए जा रहे दावों को झूठा साबित कर दिया।

दूसरी मौत: 27 अप्रैल, 2015
बगदादी के दूसरी बार मरने की खबर सीरिया के गोलन हाइट्स इलाके से आई। यह वही गोलन हाइट्स है जिसको लेकर सीरिया और इसराईल में हमेशा से तनातनी चलती रहती है। इस बार ईरान के सरकारी रेडियो ने दावा किया था कि गठबंधन सेनाओं के हवाई हमले में बगदादी घायल हो गया जिसके बाद 27 अप्रैल को सीरिया के गोलन हाइट्स इलाके में स्थित एक अस्पताल में बगदादी ने दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं, पड़ोसी देश ईराक की न्यूज एजैंसी अलगाद प्रैस और अल-युम अल-तामेन ने बगदादी की मौत की पुष्टि की थी लेकिन जुलाई 2015 में बगदादी को फिर देखा गया।

तीसरी मौत: 12 अक्तूबर, 2015
इस बार यह कहा गया कि ईराक-सीरिया सीमा के समीप अपने लड़ाकों के साथ सुरक्षित स्थान पर जाने की कोशिश कर रहा बगदादी अमरीकी फौज के भीषण हमले में अपने 3 साथियों के साथ मारा गया लेकिन नवम्बर अंत में बगदादी ने खुद संदेश जारी कर इसका खंडन किया।

चौथी मौत: 9 जून, 2016
9 जून, 2016 को दावा किया गया कि सीरिया के रक्का शहर जाने की कोशिश के दौरान अमरीकी फौज ने बगदादी को मार गिराया। कहा गया कि अमरीकी फौज ने कारों के काफिले में छिपकर रक्का जाने की कोशिश कर रहे आई.एस. सरगना को हवाई हमले में मार दिया है लेकिन बाद में पता चला कि बगदादी उस काफिले में शामिल ही नहीं था।

कौन है डेल्टा फोर्स 
जिस तरह इसराईल की खुफिया एजैंसी खतरनाक मिशनों को अंजाम देती है उसी तरह अमरीका की डेल्टा फोर्स है। इसका पूरा ऑफिशियल नाम फस्र्ट स्पैशल फोर्सेज ऑप्रेशनल डिटैचमैंट है। इसे शॉर्ट में डेल्टा फोर्स कहा जाता है। वैसे इसको कॉम्बैट एप्लीकेशन्स ग्रुप (सी.ए.जी.) या आर्मी कम्पार्मेंटेड एलिमैंट (ए.सी.ई.) के नाम से भी जाना जाता है। यह अमरीकी थल सेना के डिवीजन अधीन कार्य करती है। ज्वाइंट स्पैशल ऑप्रेशन्स कमान के पास इसका ऑप्रेशनल कंट्रोल होता है।

ओबामा ने देखा था लादेन वाला ऑप्रेशन
2011 में अमरीका ने अलकायदा के सरगाना ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। उस ऑप्रेशन को तब के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लाइव देखा था।