कत्ल में महाराष्ट्र का बॉयफ्रेंड भी रहा शामिल, फायर फ्री गेम पर हुई दोस्ती

गाजियाबाद: गाजियाबाद में अनिल सक्सेना हत्याकांड का खुलासा करते एसपी सिटी। पीछे खड़ा बॉयफ्रेंड राहुल।गाजियाबाद में 22 सितंबर को हुई महिला स्वास्थ्यकर्मी के वृद्ध पति की हत्या का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। वृद्ध की हत्या गोद ली हुई 14 वर्षीय बेटी और उसके बॉयफ्रेंड ने की थी। प्रेम संबंधों में मृतक बाधक बन रहा था।दोनों ने रस्सी से हाथ-पैर बांधे और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात करके दोनों महाराष्ट्र भाग गए थे, जहां से पुलिस उन्हें पकड़ लाई। दोनों की दोस्ती फायर फ्री गेम एप्लीकेशन पर हुई थी।22 सितंबर की शाम स्वास्थ्यकर्मी के पति का मिला था शवSP सिटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया, कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली सेक्टर-चार में 58 वर्षीय अनिल सक्सेना रहते थे। उनकी पत्नी पिंकी दिल्ली के मलेरिया विभाग में कार्यरत थीं। 22 सितंबर की शाम पिंकी जब फ्लैट पर पहुंची तो अनिल की लाश बेडरूम में पड़ी मिली।उनके हाथ-पैर पर रस्सी और टेप बंधी थी। रस्सी से गला घोंटा गया था। पिंकी ने इस मामले में 14 वर्षीय बेटी पर शक जाहिर किया था जो वारदात के बाद से गायब थी। पुलिस ने CCTV कैमरे देखे तो पिंकी की बेटी एक संदिग्ध युवक के साथ जाती हुई दिखी। आखिरकार पुलिस ने 14 वर्षीय लड़की और उसके बॉयफ्रेंड को महाराष्ट्र के जलगांव से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकारी है।अनिल सक्सेना वैशाली सेक्टर-4 में रहते थे। 22 सितंबर की शाम उनकी लाश घर में बेडरूम में पड़ी मिली थी।बॉयफ्रेंड कहता था- तुझे गाजियाबाद आकर ले जाउंगापकड़े गए बॉयफ्रेंड का नाम राहुल कपूर चंद है। 23 वर्षीय राहुल महाराष्ट्र में जलगांव जिले के ग्राम धानवाड़ का रहने वाला है। बकौल राहुल, 7-8 महीने पहले फायर फ्री गेम पर उसकी दोस्ती अनिल सक्सेना की 14 वर्षीय बेटी से हुई थी।बाद में दोनों की इंस्टाग्राम और फिर वॉट्सएप पर बातचीत शुरू हो गई। कभी-कभी वे गूगल मीट के जरिये भी बात करते थे। अनिल सक्सेना को ये बात पता चल गई। वे इसका विरोध करते थे। उनकी बेटी ये बात अपने बॉयफ्रेंड को बताती थी। बॉयफ्रेंड राहुल उससे बार-बार कहता था कि तुझे गाजियाबाद आकर ले जाउंगा और फिर हम साथ ही रहेंगे।कत्ल करने महाराष्ट्र से आया और फिर वापस पहुंचाआरोपी राहुल बस से जलगांव से इंदौर, ग्वालियर और फिर दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के नजदीक उतरा। वो दिल्ली में पड़पड़गंज स्थित अंकुर होटल में रुका। 22 सितंबर की सुबह 11 बजे वो अनिल सक्सेना के घर में पहुंच गया। उस वक्त राहुल और उसकी नाबालिग गर्लफ्रेंड घर में अकेले मौजूद थे।इतने में अनिल आ गए। राहुल छिप गया, लेकिन अनिल सक्सेना ने उसे देख लिया। इस पर राहुल और उसकी नाबालिग गर्लफ्रेंड ने मिलकर रस्सी से अनिल सक्सेना के हाथ-पैर बांध दिए और उन्हें बेड पर डाल दिया। इसके बाद दोनों ने रस्सी से गला घोंटकर अनिल की हत्या कर दी।वारदात करके लड़की एक बैग में अपने कपड़े, माता-पिता के तीन ATM कार्ड लेकर अपने बॉयफ्रेंड संग घर से निकल गए। वे ऑटो से अक्षरधाम मंदिर दिल्ली पहुंचे। यहां से कैब लेकर आगरा पहुंचे और फिर वहां से बस से जलगांव महाराष्ट्र चले गए। मृतक की बेटी ने बताया कि मां-बाप बॉयफ्रेंड से बातचीत का विरोध करते थे। इसलिए ये हत्या करनी पड़ी।इस वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी मुनीराज जी ने कई टीमें लगाई थीं।मां बोली- वो 7 दिन की थी, तब ली थी गोदमृतक अनिल सक्सेना की पत्नी पूजा सक्सेना ने बताया, ‘इस बेटी को बरेली होम सेंटर से गोद लिया था। उस वक्त ये सिर्फ 7 दिन की थी। 14 साल से वे इसे अपना खून समझकर पाल रहे थे। बेटी को अच्छी शिक्षा दिलाई। फिलहाल वो सातवीं क्लास में पढ़ रही थी। हमें नहीं पता था कि जिसके भविष्य के लिए इतना सोच रहे हैं, वही एक दिन ऐसा कर देगी।