खुद को विष्णु का अवतार बताने वाले महाराज के कालेधन का खुला राज, क्लर्क से बना था ‘कल्कि भगवान’

धर्म के नाम पर ठोंगी बाबाओं द्वारा लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ जारी है। अब इसी कड़ी में खुद को विष्णु का अवतार कहने वाले और कल्कि भगवान का नाम भी शामिल हो गया है। आयकर विभाग की छापेमारी में कल्कि महाराज की 600 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा हुआ है। अब स्वयंभू भगवान ने वीडियो  मामाले में सफाई दी है।

खुद को कल्कि भगवान घोषित करने वाले विजय कुमार ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि मैंने देश नहीं छोड़ा है, न तो हम कहीं और गए हैं। हम यहीं पर हैं और अपने श्रद्धालुओं को बताना चाहते हैं कि मेरा स्वास्थ्य बहुत अच्छा है। न तो सरकार और न ही आईटी डिपार्टमेंट ने कहा है कि हमने देश छोड़ दिया। लेकिन यह मीडिया है जो कह रहा है कि हमने देश छोड़ दिया है।

बता दें कि कल्कि महाराज का साम्राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु से लेकर विदेशों तक फैला है। आयकर विभाग के 300 अधिकारियों ने विजय कुमार के 40 ठिकानों पर छापे मारे जहां भारतीय कैरेंसी के करीब 44 करोड़ रुपये कैश, 18 करोड़ रुपये के बराबर 25 लाख अमेरिकी डॉलर, 26 करोड़ रुपये के 88 किलो सोने के जेवर, 5 करोड़ रुपये के 1271 कैरेट के हीरे व 409 करोड़ रुपये की कमाई की रसीदें मिली हैं।

गौरतलब है कि करीब 30 साल पहले विजय कुमार एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में क्लर्क था लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़कर बाबा का चोला पहन लिया। 1980 में पहले जीवाश्रम नाम के एक आश्रम की स्थापना की और यहीं से शुरू हुई विजय कुमार की भगवान बनने की यात्रा। स्वघोषित बाबा का साम्राज्य भारत से लेकर विदेशों तक फैला हुआ है। बाबा के साधारण दर्शन के लिए 5 हजार और विशेष दर्शन के लिए 25 हजार रुपए की फीस देनी पड़ती है।