मध्‍य प्रदेश के छतरपुर में जलेगा रावण का 125 फीट का पुतला

छतरपुर। दशहरे पर मध्य प्रदेश में सबसे बड़े 125 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन छतरपुर में किया जाएगा। आगरा से आए कारीगर पिछले दो माह से पुतला तैयार कर रहे हैं। देश में सबसे बड़े 220 फीट लंबा रावण का पुतला अंबाला के बराड़ा में दहन किया जाता है। पुतला बनाने के लिए कारीगर विशेष रूप से 30 फीट लंबा मुकुट तैयार कर रहे हैं। इस पर चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। छतरपुर के स्टेडियम में दशहरे पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रात नौ बजे पुतला दहन कर दिया जाएगा।
125 वर्ष की रामलीला समिति, इतने ही फीट का रावण
छतरपुर शहर में लाल कड़क्का रामलीला समिति का गठन 125 वर्ष पहले हुआ था। पिछले 125 वर्ष से समिति नवरात्र में दशहरे तक रामलीला का मंचन करती आ रही है। समिति के 125 वर्ष होने पर इस बार छतरपुर में प्रदेश के सबसे बड़े 125 फीट लंबे रावण का पुतला बनवाने पर सहमति बनी। कारीगर तलाशे गए। आगरा के कारपेंटर उस्मान कुरैशी से संपर्क किया गया। उस्मान ने वर्ष 2016 में सबसे पहले अंबाला के बराड़ा में 220 फीट लंबा रावण का पुतला बनाया था। तब से वहां हर वर्ष 220 फीट के रावण का पुतला दहन किया जाता है। उस्मान ने पिछले दो माह से छतरपुर आकर अपनी टीम के साथ रावण का पुतला बनाने का काम शुरू कर दिया है। ऐसा होगा 125 फीट लंबा रावण का पुतला उस्मान कुरैशी बताते हैं कि 125 लंबे पुतले को खड़ा करने के लिए लोहे के एंगल लगाकर 40 फीट चौड़ा प्लेटफार्म तैयार किया गया है। धड़ 50 फीट का होगा। 20 फीट के पैर, 30 फीट का मुकुट, 10 फीट की छत्री होगी, 20 फीट लंबे और चार फीट चौड़ी जूती बनाई गई हैं। 1.20 लाख रुपये लोहे पर, 60 हजार रुपये बांस पर, 30 हजार रुपये चेहरे के फाइबर पर खर्च किए जा रहे हैं। एक से डेढ़ लाख रुपये की आतिशबाजी भी लगेगी।