सवाधान! प्रदूषण फैलाया तो हो सकती है जेल

नई दिल्ली: हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के मामलों में लगातार वृद्धि होती जा रही है और इससे मंगलवार के बाद हवाओं का रुख बदलने लगेगा। प्रदूषण स्तर में वृद्धि के साथ-साथ इंफोर्समेंट एजेंसियों ने भी सख्ती शुरू कर दी है।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी एप्का ने जहां मंगलवार को यूपी, हरियाणा सरकार को जेनरेटर बंद करने की कार्ययोजना पर तलब किया है वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण फैलाने वालों को जेल भेजने के लिए कानूनी सलाह मशविरा शुरू कर दिया है। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार वायु अधिनियम व जल अधिनियम में सख्त प्रावधान हैं और जुर्माना वसूली की जा रही है।

लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही हैं 
बोर्ड को मिली करीबन 800 शिकायतों में अभी 20 से 25 प्रतिशत पर ही कार्रवाई हो पा रही है। अधिकांश शिकायतें ठोस कचरा फैलाने, कचरा जलाने, तोडफ़ोड़ से धूल संबंधी हैं। इनके लिए अभी एनजीटी के दिशानिर्देशानुसार पांच लाख रुपए तक का जुर्माना किया जा रहा है। लेकिन प्रदूषण बोर्ड ने अब उल्लंघन करने वालों को जेल भेजने संबंधी प्रक्रिया पर गंभीरता से काम करना शुरू कर दिया है। इंफोर्समेंट से जुड़े एक अधिकारी कहते हैं-‘हम इस दिशा में कानूनी पहलुओं पर काम कर रहें और अधिनियम के अनुसार दिशानिर्देश, नियम तैयार कर रहे हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों को प्रदूषण फैलाने से रोका जा सकेगा।