जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने में देश के जवानों का अहम योगदान: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक जाकर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की । शाह ने इस मौके पर पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों और उनके परिजनों के प्रति समूचे राष्ट्र की ओर से कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़कर जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने का काम आप ही कर रहे हैं।

शाह ने कहा कि पुलिस के जवान सीमाओँ की सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर नक्सलियों और उग्रवादियों के साथ लोहा ले रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में वे आतंकवादियों के दांत खट्टे कर रहे हैं। मानव तस्करी, मादक पदार्थों तथा जाली मुद्रा की तस्करी पर अंकुश लगाने का काम भी पुलिस कर रही है। अब तक 34844 पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है और इस सूची में आज 292 शहदों के नाम और जुड़ गये हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि देश में अभी एक लाख की आबादी पर 144 पुलिसकर्मी हैं। इस कारण पुलिसकर्मियों पर दबाव है और उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती हैं। सरकार उनकी इस समस्या का समाधान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार उनके कल्याण के लिए अनेक योजना बना रही है और उन्हें कर्त्तव्य निर्वहन के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करा रही। उन्होंने जावनों को आश्वस्त किया कि उनके स्वास्थ्य, परिजनों की सुविधा और निवास की जरूरतों को पूरा करने में सरकार पीछे नहीं हटेगी।

शाह ने इस मौके पर परेड की सलामी ली और उलेखनीय योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया। उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन 1959 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जावनों ने चीन सीमा के निकट स्वचालित हथियारों से लैस चीन की सैनिक टुकड़ी का मुकाबला करते हुए मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर किये थे। इस दिन को उनके सम्मान में हर वर्ष राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के रुप में मनाया जाता है।