मतदान के बाद गडकरी ने कहा: BJP-शिवसेना की होगी रिकार्डतोड़ जीत

पुडुचेरी: पुडुचेरी के मुख्‍यमंत्री वी नारायणसामी और उपराज्‍यपाल किरण बेदी के बीच हेल्‍मेट पहनने को लेकर शुरू हुआ विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है। नारायणसामी ने किरण बेदी के एक ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि अगर मैं हेल्‍मेट पहनकर रैली में जाऊंगा तो लोग मुझे पहचान नहीं पाएंगे। दरअसल किरण बेदी ने रविवार को कुछ ट्वीट किए थे जिनमें उन्‍होंने बिना हेल्‍मेट पहने बाइक चलाते हुए मुख्‍यमंत्री की फोटो पोस्‍ट करके इसकी आलोचना की थी। उपराज्यपाल के इस ट्वीट से नाराज नारायणसामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘जब हम मोटरसाइकल पर चुनाव प्रचार कर रहे हैं और मैं हेल्‍मेट लगा लूं तो लोगों को तो पता ही नहीं चलेगा कि कौन वोट मांगने आया है।

मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को मतदान जारी रहने के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन रिकॉर्ड तोड़ जीत के साथ महाराष्ट्र में एक बार फिर सरकार बनाएगा। नागपुर में सुबह जल्दी मतदान करने वाले गडकरी ने कहा कि लोग केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और महाराष्ट्र में देवेन्द्र फड़णवीस की अगुवाई वाली सरकार के पांच साल के कामकाज के आधार पर मतदान करेंगे। मतदान के बाद गडकरी ने संवाददाताओं से कहा भाजपा -शिवसेना को रिकॉर्डतोड़ जीत हासिल होगी और फडणवीस एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।

 उन्होंने लोगों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) लोकतंत्र में अच्छा विकल्प नहीं है। गडकरी के अलावा राकांपा सांसद सुप्रिया सुले और उनकी मां प्रतिभा पवार भी सुबह मतदान करने वालों में शामिल हैं। सुप्रिया और उनकी मां ने पुणे के बारामती में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राकांपा प्रमुख शरद पवार की पुत्री सुप्रिया ने कहा कांग्रेस-राकांपा गठबंधन अगली सरकार बनाएगा। राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी बारामती में मतदान किया। शरद पवार के भतीजे अजीत बारामती विधानसभा सीट से राकांपा के उम्मीदवार हैं। सुबह मतदान करने वालों में केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे भी शामिल हैं जिन्होंने जालना के भोकरदान में अपने मताधिकार का उपयोग किया।

राकांपा छोड़ कर भाजपा के टिकट पर राज्य की सतारा लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहे उदयनराजे भोसले ने सतारा में मतदान किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोलापुर में मतदान किया। इस सीट से उनकी बेटी प्रणीति शिंदे तीसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ कर विधायक का तीसरा कार्यकाल हासिल करने के प्रयास में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और उनके परिवार ने नांदेड़ में एक स्कूल में बने मतदान केंद्र में मतदान किया। चव्हाण नांदेड़ की भोकर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। मुंबई में पिछले दो दिन से बूंदाबांदी हो रही है। वहां राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री आशीष शेलार ने बांद्रा उपनगर में एक स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का उपयोग किया।

शेलार बांद्रा पश्चिम सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर हरिभाऊ बागड़े ने औरंगाबाद जिले में अपने मताधिकार का उपयोग किया। राज्य आवास मंत्री राधाकृष्ध विखे पाटिल और उनके परिवार के सदस्यों ने अहमदनगर के शिरडी में मतदान किया। पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल ने मुंबई में शिवाजी पार्क में सुबह मतदान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की तुलना में प्रत्याशी की योग्यता अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा हमें ऐसे प्रत्याशी को वोट देना चाहिए जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करे। महाराष्ट्र में सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार की सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ जो शाम छह बजे तक चलेगा।

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उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल इतनी सामान्य-सी बात भी नहीं जानतीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वहीं राज्य में चुनाव को लेकर आदर्श आचार सांहिता प्रभाव में थी, ऐसे समय में उपराज्‍यपाल को हस्‍तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। नारायणसामी यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि पांच महीने पहले जब किरण बेदी बाजार से गुजरी थीं तो उन्होंने भी हेल्‍मेट नहीं पहना था। उन्‍होंने कहा कि उस समय तो चुनाव भी नहीं थे। उन पर भी उसी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू होते हैं। सीएम ने कहा कि एक शख्‍स ने तो डीजीपी से उनकी शिकायत भी की थी। जब वे नियमों का पालन नहीं करतीं तो उनको दूसरों को भी उपदेश देने का अधिकार नहीं।

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नारायणसामी ने कहा कि मैंने बेदी का वह ट्वीट और फोटो देखा है, यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्‍लंघन है और पुडुदेचेरी के डीजीपी को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने 30 अप्रैल के आदेश में कहा थ कि आधिकारिक वार्तालाप के लिए उपराज्‍यपाल समेत मंत्रियों को किसी भी सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करके उन्‍होंने कोर्ट की अवमानना की है। उन्‍हें अदालती कार्रवाई का सामना करना होगा।उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं जब दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री नारायणसामी और उपराज्यपाल किरण बेदी के बीच किसी न किसी मुद्दों को लेकर अक्सर विवाद बना रहता है।

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