‘वीर सावरकर’ मामले पर कैलाश का दिग्गी को करारा जवाब, कहा- उन्हें ‘मिर्ची लगना स्वाभाविक है’

भोपाल: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के जारी किए गए घोषणापत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर कांग्रेस भाजपा आमने-सामने हैं। जिसको लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि ‘जिस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या में शामिल होने का आरोप है भाजपा उसे भारत रत्न देने की बात कर रही है’। दिग्गी के इस बयान पर अब बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पलटवार करते हुए कहा है कि ‘नेहरू जी, इंदिरा जी ने ख़ुद को ही भारत रत्न दे डाला था लेकिन इन महापुरुषों को भारतरत्न देने में आपकी पार्टी की सरकारों ने पचासों साल लगा दिये’1।

Kailash Vijayvargiya

@KailashOnline

सावरकर जी का जीवन देश के लिये था, उनका जीवन देशवासियों के लिये प्रेरणादायक है पर @digvijaya_28 की पार्टी को तो हर देशभक्त से चिढ़ है चाहे वो सुभाषचंद्र बोस हों, सरदार पटेल हों या फिर बाबा साहेब अम्बेडकर..

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Kailash Vijayvargiya

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दिग्गी राजा,

नेहरू जी, इंदिरा जी ने ख़ुद को ही दे डाला था लेकिन इन महापुरुषों को भारतरत्न देने में आपकी पार्टी की सरकारों ने पचासों साल लगा दिये। जी को ‘भारतरत्न’ मिलने की बात पर आपको मिर्ची लगना स्वाभाविक ही है।

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कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘दिग्गी राजा, नेहरू जी, इंदिरा जी ने ख़ुद को ही भारत रत्न दे डाला था, लेकिन इन महापुरुषों को भारतरत्न देने में आपकी पार्टी की सरकारों ने पचासों साल लगा दिये। वीर सावरकर को ‘भारतरत्न’ मिलने की बात पर आपको मिर्ची लगना स्वाभाविक है। सावरकर का जीवन देश के लिये था, उनका जीवन देशवासियों के लिये प्रेरणादायक है पर दिग्विजय सिंह  की कांग्रेस पार्टी को तो हर देशभक्त से चिढ़ है चाहे वो सुभाषचंद्र बोस हों, सरदार पटेल हों या फिर बाबा साहेब अम्बेडकर।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि ‘वीर सावरकर के जिंदगी के दो पहलू थे। पहले पहलू में अंग्रेजों से माफी मांगने के बाद लौटने पर स्वाधीनता संग्राम में उनकी भागीदारी। जबकि दूसरे पहलू में उनका नाम गांधी की हत्या का षड़यंत्र रचना’ शामिल था। दिग्विजय के इसी बयान के बाद से सियासी गलियारों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई, और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कह डाला कि दिग्विजय सिंह सावरकर के पैरों की धूल भी नहीं हैं।