रात के अंधेरे में अवैध खनन में व्यस्त थे रेत माफिया, खनिज विभाग की 2 टीमों ने मारा छापा

जबलपुर: रेत के अवैध खनन को लेकर लगातार राजनीति होती रहती है लेकिन रेत का खनन रुकने का नाम नहीं लेता है, अब रेत माफिया इतने बेखौफ हो गए हैं कि वह नर्मदा के बीचों-बीच रेत निकालने से भी गुरेज नहीं करते। खनिज विभाग की एक कार्रवाई ने ऐसी ही तस्वीर सामने लाकर रख दी। खनिज विभाग को सूचना मिली कि जमतरा और खिरैनी घाट से रेत निकाली जा रही है। इस सूचना के बाद खनिज विभाग ने रेत माफियाओं पर नकेल कसने के लिए 2 टीमें बनाई और इनको पकड़ने के लिए घेराबंदी की। लेकिन दोनों टीमों की घेराबंदी के बीच भी रेत माफिया नर्मदा के बीचों-बीच नाव छोड़कर पानी में तैर कर भाग गए। इस बीच खनिज विभाग के हाथ सिर्फ दो नाव लगीं।

खनिज विभाग के माइनिंग इंस्पेक्टर देवेंद्र पटले और माइनिंग ऑफिसर सतेंद्र सिंह बघेल ने बताया, कि हम लोगों ने पूरी घेराबंदी की थी, कि इन रेत माफियाओं को रंगे हाथ पकड़ा जा सके। लेकिन किसी ने इनको सूचना दे दी और ये भाग निकले। हालांकि दोनों नाव हमारे कब्जे में आई हैं और इन नाव के सहारे हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, कि वे कौन से लोग हैं जो रेत का अवैध उत्खनन कर रहे थे।

कलेक्टर के आदेश पर हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई…
कलेक्टर भरत यादव ने खनिज विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है, कि जिले में किसी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसको लेकर खनिज विभाग ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है, और जबलपुर के अनेक इलाकों में जहां पर भी खनन की सूचना मिलती है। पुलिस के सहयोग से खनिज विभाग की टीम ताबड़तोड़ छापे मार कार्यवाही कर रही है। खनिज विभाग का दावा है कि रेत माफियाओं को काबू करने के लिए हमारी टीम कहीं से भी पीछे नहीं आएगी। हालांकि रेत माफिया सूचना पाकर गुम हो जाते हैं। लेकिन जिस तरह से खनिज विभाग कार्रवाई कर रही है। उससे उनके मंसूबों पर पानी जरूर फिर रहा है।