अयोध्या मामलाः हिंदू संतों ने मांगी दीपावली पर राम जन्मभूमि में दीए जलाने की अनुमति

नई दिल्लीः अयोध्या मामला पर सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दौर की सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए 17 अक्टूबर तक बहस पूरी करने की डेडलाइन दी है। तय समयसीमा के तहत आज मुस्लिम पक्ष को अपनी दलीलें खत्म करनी हैं, लेकिन उसके वकील राजीव धवन ने कोर्ट से कहा कि उन्हें आज के बाद डेढ़ घंटे का मौका और दिया जाए। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने धवन से कहा कि वह आज ही अपनी दलील पूरी करें। हालांकि, धवन ने कहा कि आज सारी दलीलें समेट पाना संभव नहीं हो पाएगा। उधर, हिंदू संतों ने कोर्ट से दीपावली के अवसर पर राम जन्मभूमि में दीए जलाने की अनुमति मांगी।

धवन ने हिंदू पक्षकारों के साथ पहली कतार में सुब्रह्मण्यन स्वामी के बैठने पर भी आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब विजिटर को गैलरी से आगे आने की अनुमति नहीं है तो इन्हें क्यों आगे बैठने दिया जा रहा है। कोर्ट को अनुशासन बरकरार रखना चाहिए। इस पर सुब्रह्मण्यन स्वामी कुछ नहीं बोले। इसके बाद धवन ने कहा कि एक को जब कोई विशेष छूट मिलती है तो अन्य फायदा उठाते है। अनुशासन नहीं रहता। इसी वजह से अक्सर मैं देखता हूँ कि कुछ नॉन एक्रिडेटेड मीडियाकर्मी और उनके संपादक अपनी बाउंड्री क्रॉस कर कोर्ट रिपोर्टिंग के लिए कोर्ट रूम में आगे तक आ जाते हैं। जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं है। नियम अनुसार उन्हें केवल विजिटर गैलरी में खड़े होने की अनुमति है। कोर्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए। नियम सभी के लिए एक होने चाहिए। चाहे वो कोई भी हो। CJI ने इस पर कुछ नहीं कहा। राजीव धवन ने अपनी दलीलें शुरू कीं।

गौरतलब है कि अब तक कुल 37 दिनों की बहस के दौरान हिंदू पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं और वरिष्ठ वकील राजीव धवन संवैधानिक पीठ के सामने मुस्लिम पक्ष की दलीलें रख रहे हैं। दशहरा की हफ्तेभर की छुट्टी के बाद सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या पर 38वें दिन की सुनवाई शुरू होते ही मुस्लिम पक्ष आगे की दलीलें रखने लगा। राजनीतिक और सांप्रदायिक तौर पर इस बेहद संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने की उम्मीद में अयोध्या जिला प्रशासन ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दिया है जो 10 दिसंबर तक कायम रहेगा।