‘करोड़ों कमा रहीं फिल्में…मंदी कहां’, रविशंकर ने कहा- मैं अपना बयान वापिस लेता हूं

नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्में करोड़ों कमा रही हैं, ऐसे में मंदी कहां है, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने इस बयान पर रविवार को सफाई देते हुए कहा कि मैं अपना बयान वापिस लेता हूं। रविशंकर ने कहा कि मैं एक संवेदनशील व्यक्ति हूं, इसलिए अपना बयान वापिस ले रहा हूं। बता दें कि शनिवार को उन्होंने कहा कि 2 अक्तूबर को तीन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपए की कमाई की। यह अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत देती है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और विधि मंत्री ने बेरोजगारी पर राष्‍ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट को भी गलत बताया। इसमें कहा गया था कि साल 2017 में बेरोजगारी की दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा रही।

उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी कुछ दिन पहले कहा कि भारत और ब्राजील में आर्थिक सुस्ती इस साल कुछ ज्यादा साफ दिखती है। प्रसाद ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से सरकार के खिलाफ लोगों को बेरोजगारी की स्थिति के बारे में गुमराह कर रहे हैं। प्रसाद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 2 अक्तूबर को राष्ट्रीय अवकाश के दिन तीन हिंदी फिल्मों ने 120 करोड़ रुपए की कमाई है। यदि अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती तो केवल तीन फिल्में एक दिन में 120 करोड़ रुपये का कारोबार कैसे करतीं?” केंद्रीय मंत्री भाजपा के चुनाव प्रचार के लिये मुंबई पहुंचे थे। महाराष्ट्र में 21 अक्तूबर को विधान सभा के लिए मतदान होना है।

एनएसएसओ की रिपोर्ट पर प्रसाद ने कहा कि मैं आपको 10 मापदंड बता सकता हूं जहां अर्थव्यस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है लेकिन एनएसएसओ की रिपोर्ट में इनमें से किसी को नहीं दिखाया गया है। इसलिए मैं इस रिपोर्ट को गलत कहता हूं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जिर्जीवा ने हाल में कहा कि दुनिया की 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर से गुजर रही है। भारत और ब्राजील जैसे देशों पर इसका असर साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग सरकार के खिलाफ मोर्चा बनाकर बेरोजगारी के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।” प्रसाद की अर्थव्यवस्था के लेकर टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब विश्व प्रतिस्पर्धा सूचकांक रिपोर्ट में भारत का स्थान दस पायदान नीचे आ गया।