Article 370 के हटने का जम्मू-कश्मीर के युवा कार्यकर्ता ने खुलकर किया सपोर्ट, कहा- जगी उम्मीद

नई दिल्ली। ऐसे समय में जब जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद विरोध के सुर सुनाई दे रहे हैं तो अब भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने के ऐतिहासिक फैसले के पक्ष में कश्मीर के युवाओं का आना एक बड़ी बात है। अनुच्छेद को हटाने के पक्ष में काफी युवा हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से नाम सामने नहीं लाया गया है। हालांकि, मीर जुनैद राज्य का वो युवा जो खुलकर सरकार के कदम को सपोर्ट किए हुए है।

27 वर्षीय जुनैद ने आईएएनएस से बातचीत में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर हमला बोलते हुए कहा कि आर्टिकल 370 और 35-ए को हटाना( जिसने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा लिया) उन लोगों के लिए फायदेमंद नहीं है जो राज्य में स्वयं शासन चाहते है। कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लंगेट से आए, जुनैद ने कहा, ‘मेरा मानना है कि अनुच्छेद 370 और 35-ए को हटाने से जम्मू और कश्मीर के लोगों को राजनीतिक राजवंशों से एक तरह की मुक्ति मिली। समाज के कमजोर वर्ग जो कई तरह की सुविधा से वंचित थे, उन्हें इस कदम से फायदा होगा।’

यह पूछे जाने पर कि अगर सरकार का यह फैसला सही था तो कुछ लोग प्रदर्शन क्यों कर रहे थे? इसपर जुनैद ने कहा, ‘उनकी दुकानें बंद हो गई हैं और इसीलिए वे आक्रोश दिखा रहे हैं। अन्यथा, 370 के हटने के बाद अब कश्मीर आगे चलकर विश्व स्तर के सामाजिक-आर्थिक आंदोलन में बदल जाएगा।’ यह स्पष्ट करते हुए कि वह किसी भी राजनीतिक दल से मिला हुआ नहीं है, युवा कार्यकर्ता ने कहा कि वह सरकार के इस कदम का समर्थन कर रहे है क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह ने 370 और 35-ए निरस्तीकरण पर बहस के दौरान संसद के पटल पर कुछ बातों का वादा किया था।

जुनैद, जो अपने कुछ दोस्तों से मिलने के लिए दिल्ली आए थे। उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्री ने कहा था कि यह जम्मू-कश्मीर के विकास और कल्याण के लिए है। इसलिए वादे पूरे होने पर हमें खुशी होगी। केंद्र ने जिस कारण अनुच्छेद 370 और 35 ए को निरस्त किया है, उसेक मद्देनजर काम पूरा होना चाहिए। शाह ने भी आश्वासन दिया था घाटी में सामान्य स्थिति को वापस लाया जाएगा। जुनैद ने यह भी कहा कि वह हाल ही में यहां गृह मंत्री के कार्यालय में सरपंचों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शाह से मिले थे और उन्होंने इसका वादा किया है।