विजयादशमी पर आज भारत को मिलेगा पहला राफेल जेट, जानिए इसकी खूबियां

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज भारत को मिलने वाला पहला राफेल जेट प्राप्त करेंगे। रक्षा मंत्री आज अपने फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली के साथ वार्ता भी करेंगे। बता दें कि आज विजयदशमी भी है और वायु सेना दिवस भी। राजनाथ सिंह पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रो के साथ बैठक करेंगे। संभावना है कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों पर चर्चा होगी।

राजनाथ करेंगे शस्त्र पूजा
सिंह बाद में फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोर्डोक्स जायेंगे जहां वह एक कार्यक्रम में पहला राफेल जेट विमान प्राप्त करेंगे। इस कार्यक्रम में पार्ली और राफेल जेट निर्माता दसाल्ट एविएशन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक जेट प्राप्त करने के बाद सिंह दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजा करेंगे और फिर विमान में उड़ान भरेंगे। राफेल जेट विमान को सौंपने का कार्यक्रम बोर्डोक्स के मेरीग्नैक में दसाल्ट एविएशन के परिसर में होगा। यह स्थान पेरिस से करीब 590 किलोमीटर दूर है। वैसे तो सिंह मंगलवार को 36 राफेल जेट विमानों में पहला विमान मंगलवार को प्राप्त कर लेंगे लेकिन चार विमानों का पहला खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगा।

भारत ने 59000 करोड़ रुपए में खरीदे 36 राफेल
भारत ने करीब 59000 करोड़ रुपए मूल्य पर 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था। सूत्रों ने बताया कि विमान का पहला स्क्वाड्रन अंबाला वायुसेना स्टेशन पर तैनात किया जाएगा जो भारतीय वायुसेना के सामरिक रूप से अति महत्वपूर्ण अड्डों में एक समझा जाता है। यह अड्डा भारत पाक सीमा से करीब 220 किलोमीटर दूर है। राफेल का दूसरा स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल में हाशिमारा अड्डे पर तैनात किया जाएगा।

राफेल की खूबियां

  • राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है और इसकी फ्यूल कैपेसिटी तकरीबन 17 हजार किलोग्राम है।
  • राफेल 2,223 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। यह हर तरह के मौसम में काम करने में सक्षम है इसलिए इस विमान को मल्टिरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के नाम से भी जाना जाता है।
  • राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर है, इसकी स्काल्प की रेंज तकरीबन 300 किलोमीटर है। स्काल्प एक खास प्रकार की मिसाइल है जो जमीन से हवा में मार कर सकने में सक्षम है।
  • राफेल फाइटर प्लेन एंटी शिप अटैक से लेकर परमाणु अटैक, क्लोज एयर सपॉर्ट और लेडर डायरेक्ट लॉंग रेंज मिसाइल अटैक में भी अग्रणी है। ये क्षमताएं इस विमान को और भी ज्यादा खतरनाक बनाती है।
  • राफेल एक साथ 24,500 किलोमीटर तक का वजन लादकर 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान लगातार भर सकता है।

भारत को मिलने वाले राफेल में होंगे ये बदलाव

  • इसमें इजरायली हेलमेंट माउंटेड डिस्प्ले
  • राडार वार्निंग रिसीवर्स
  • लो बैंड जैमर्स
  • 10 घंटे का फ्लाउट डेटा रिकार्डिंग सिस्टम सहित इन्फ्रा रेड सर्च ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा।