धारदार भाषण से इंटरनेट स्टार बनीं कांस्टेबल खुशबू चौहान, CRPF ने दी यह हिदायत

नई दिल्ली: अपने जोशीले भाषण से सोशल मीडिया पर स्टार बनी महिला कांस्टेबल खुशबू चौहान को सीआरपीएफ ने खास हिदायत और सलाह दी है। जहां कांस्टेबल खुशबू के भाषण की इन दिनों जमकार तारीफ हो रही है वहीं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बयान जारी कर उनको बोलने में संयम बरतने की हिदायत भी दी है। हालांकि सीआरपीएफ ने खुशबू के जोश की तारीफ की है। सीआरपीएफ ने बयान जारी करके कहा कि हमारी एक महिला कांस्टेबल का भाषण काफी वायरल हो रहा और कुछ लोग उनकी प्रशंसा और निंदा भी कर रहे हैं।

See Tarak Dom’s other Tweets
सीआरपीएफ ने कहा कि भाषण एक वाद-विवाद प्रतियोगिता में दिया गया था और इसमें कुछ भी बुरा मानने लायक नहीं है, हम CRPF में मानवाधिकारों का बिना शर्त सम्मान करते हैं और उन्हें इस प्रस्ताव के खिलाफ बोलने के लिए कहा गया और उन्होंने भाषण दिया। सीआरपीएफ ने कहा कि हालांकि कुछ बातें महिला कांस्टेबल को नहीं कहनी चाहिए थीं जो वो उस दिन कर गईं।

सीआरपीएफ ने कहा कि हमने उनको उचित सलाह दी है कि कुछ बातों पर संयम रखें। बता दें कि खुशबू ने कहा था कि जब सीमा पर जवान शहीद होता है तो कोई मानवाधिकार की दुहाई नहीं देता लेकिन जब जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगते हैं तो सब उनके साथ खड़े हो जाते हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि जो कहता है कि हर घर से अफजल निकलेगा तो मेरी बात सुन लो- जिस घर से अफजल निकलेगा उस घर में घुसकर मारेंगे, वो कोख नहीं पलने देंगे जिस कोख से अफजल निकलेगा।