आरे कॉलोनी में पेड़ काटे जाने के खिलाफ भारी हंगामा, स्टूडेंट डेलिगेशन आज CJI से मिलेगा

मुंबईः उत्तरी मुंबई के आरे कॉलोनी में शुक्रवार रात और शनिवार को मुंबई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (एमएमआरसीएल) द्वारा पेड़ों को काटे जाने के विरोध में रविवार को लेकर छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई से मुलाकात करेगा। छात्रों का प्रतिनिधिमंडल दोपहर 3 बजे चीफ जस्टिस के आवास पर मुलाकात करेगा। छात्र प्रतिनिधिमंडल चीफ जस्टिस से अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर पेड़ों की कटाई पर स्टे की अपील करेगा। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि अपील याचिका दायर करने का समय नहीं है।

इससे पहले शनिवार को विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो गई, जिसको लेकर 6 महिलाओं सहित 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इलाके में एक प्रस्तावित ‘मेट्रो ट्रेन शेड’ बनाने के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही है। पुलिस ने शनिवार को आरे कॉलोनी और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार सुबह धारा 144 लगा दी। घटनास्थल पर राकांपा के विधायक जितेंद्र अव्हाद, शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी, शिवसेना नेता और पूर्व मेयर शुभा राउल सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सख्ती बरतने का आरोप लगाया है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। विधानसभा चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज होने के कारण इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दल सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना को पेड़ों को बचाने में उनकी ‘‘नाकामी” के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की आलोचना करते हुए दावा किया कि अब तक लगभग 200 पेड़ काटे जा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेट्रो निगम 10 अक्तूबर से पहले काम खत्म करना चाहता है। इसी दिन राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में मामले की सुनवाई होनी है।