छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बोले- ‘हमारे भगवान राम और भाजपा के भगवान “राम” में है फर्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘भगवान राम के नाम पर वोट मांगने’ का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया। चौबे ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा। चौबे ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारे राम और उनके (BJP) राम में बहुत अंतर है। भाजपा के लिए राम का क्या मतलब है? चंदा इकट्ठा करना और व्यापार करने का एक तरीका। ‘रामशिला पूजन’ के नाम पर वोट मांगना और भगवान के नाम पर भीड़ को भड़काना। उन्होंने कहा कि भाजपा को देवता पर कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस के लिए राम का अर्थ है शबरी का राम, निषादराज का राम, वनवासी राम, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम।’ उन्होंने कहा कि भगवान राम देश के हर कोने में संपन्न हैं। उन्होंने कहा, ‘रामलीला का आयोजन किया जाएगा और हम इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।’ उनका यह बयान त्योहार दशहरा से ठीक पहले आता है, जिसमें नौ दिन ‘नवरात्रि’ पर रामायण के कार्यक्रमों से लेकर पूजा और नाटकों का आयोजन करके पूरे भारत में मनाया जाता है, और दसवें दिन आतिशबाजी के साथ रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाकर बुराई का नाश किया जाता हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राष्ट्रपिता की जयंती पर गोडसे और सावरकर को लेकर शुरू हुई सियासत भगवान राम पर आ टिकी हैं। यह जुबानी जंग शुक्रवार को राम लीला के आयोजन को लेकर शुरू हुई थी, जहां अब यह भगवान राम के बंटवारे तक पहुंच गई। एक दिन पहले भाजपा ने रामलीला के बहाने कांग्रेस पर वोट बैंक बनाने का आरोप लगाया था। जहां अब इस पर जवाब देते हुए चौबे ने कांग्रेस और भाजपा के राम को अलग अलग बात दिया।