सादगी से मनाये गांधी जयंती, बाढ़ राहत में लगाएं बचा हुआ धन: मायावती

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ के हालात पर चिंता जताते हुये गांधी जयंती सादगी से मनाने और विभिन्न कार्यक्रमों पर खर्च होने वाले धन को राहत कार्यो में लगाने की अपील की है। मायावती ने मंगलवार को एक के बाद तीन ट्वीट कर पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बाढ राहत कार्यो के प्रति सरकारी उदासीनता का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा ‘‘भारी बारिश से यूपी के खासकर पूर्वांचल के जिलों में लगभग 100 लोगों की मौत व लाखों परिवारों का जीवन बाढ़ एवं जलभराव की समस्या से काफी बेहाल व अति-संकटग्रस्त है, जिससे निजात दिलाने व राहत पहुँचाने के मामले में सरकारी उदासीनता की शिकायत आम है। सरकार तत्काल ध्यान दे तो बेहतर होगा।’’

बसपा अध्यक्ष ने ट्वीट किया ‘‘ साथ ही बाढ़ से पूर्वांचल में खेती-किसानी भी काफी ज्यादा प्रभावित हुई है, जिसपर केंद्र और राज्य सरकार दोनों को फौरन पूरा ध्यान देने की जरुरत है, वरना गरीबी व बेरोजगारी आदि की गंभीर समस्या से जुझ रहे इस क्षेत्र के करोड़ों लोगों का जीवन और भी ज्यादा दरिद्र व संकटग्रस्त बन जाएगा।’’

मायावती ने कहा ‘‘व्यापक जनहित एवं जनकल्याण में क्या यह उचित नहीं होगा कि गाँधी जयन्ती को धूमधाम के बजाए पूरी सादगी व संजीदगी से मनाया जाए तथा जयन्ती के विभिन्न कार्यक्रमों पर होने वाले सरकारी व गैर-सरकारी धनों को बचाकर उन्हें अति-जरुरतमन्द लाखों बाढ़ पीड़तिों की राहत पर खर्च किया जाए।’’

गौरतलब है कि अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य इलाकों में पिछले पांच रोज से रुक रुक कर हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने मानसून के दस अक्टूबर तक सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। वर्षा के चलते कई इलाकों में घाघरा,राप्ती और शारदा समेत कई नदियों का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है।

बाढ़ और वर्षाजनित हादसों में राज्य भर में इस दौरान करीब 100 लोग अपनी जान गंवा चुके है जबकि तटवर्ती इलाकों में गुजर बसर कर रही हजारों की आबादी ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर बाढ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं।