बरेली समेत 9 जिलों में सुरक्षा के लिए वेश बदलकर मौजूद रहेगी पुलिस

बरेली: बरेली एडीजी राजकुमार ने जोन के बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, रामपुर, अमरोहा को सावन में कांवड यात्रा को लेकर हाई अलर्ट जारी करते हुए अफसरों को भी अलर्ट रहने के दिए निर्देश।नुपूर शर्मा द्वारा पैगंबर साहब पर की गई टिप्पणी के बाद यूपी कई कई शहरों में हुए बवाल के हालात बने थे। जिन्हें देखकर बरेली समेत नौ जिलों में इस बार सावन में कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इस दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए उनके साथ वेश बदलकर पुलिस भी मौजूद रहेगी।बरेली एडीजी राजकुमार ने जोन के बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, रामपुर, अमरोहा को सावन में कांवड यात्रा को लेकर हाई अलर्ट जारी करते हुए अफसरों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान इन सभी नौ जिलों में पूर्व में कांवड़ यात्रा के दौरान खुराफात करने के मामले में जेल गए कांवड़ियों की निगरानी के साथ ही उन्हें चेतावनी भी जारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।जोन के 9 जिलों में बरेली सबसे ज्यादा संवेदनशीलसावन के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली जोन के 9 जिलों में अति संवेदनशील जिला माना जाता है। इसके बाद बदायूं दूूसरे नंबर पर है। वहीं मुरादाबाद रेंज की बात करें तो वहां बिजनौर और अमरोहा अति संवेदनशील माने जाते हैं। सावन इस बार 14 जुलाई दिन बुधवार से से शुरू होगा। इस बार सावन माह में 4 सोमवार पड़ रहे हैं।नाथ नगरी कहे जाने वाले बरेली समेत जोन के नौ जिलों में इस बार सावन में कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।पहला सोमवार 18 जुलाई को जबकि दूसरा 25 जुलाई, तीसरा 1 अगस्त और चौथा सोमवार 8 अगस्त के साथ 12 अगस्त को सावन का अंतिम दिन होगा। सावन के पहले ही दिन से बरेली में कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी।बरेली के ज्यादातर कांवड़ियों बदायूं के कछला से जल लाते हैं, जबकि बड़ी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार से भी गंगाजल लाकर बरेली के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। यहां कांवड़ यात्रा के लिए लोगों में उत्साह रहता है। जिसमें कावंडियों की भारी भीड़ उमड़ती है। कांवड़ यात्रा के दौरान बरेली में दंगे से लेकर कई बार बवाल हो चुके हैं।कांवड़ यात्रा के दौरान बरेली में हुआ था पहला दंगा2012 में कांवड़ यात्रा के दौरान ही बरेली में दंगा हुआ था। जिसके बाद अघोषित कफ्र्यू लगा दिया गया था। दंगे की शुरूआत शहर कोतवाली क्षेत्र के मठ की चौकी मुहल्ले से हुई थी। मठ की चौकी में दूसरे समुदाय द्वारा कांवडियों पर पथराव किया गया था। पथराव के बाद पूरा शहर दंगे की आग में झुलस गया था।इसके बाद 2017 में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर अलीगंज थाना क्षेत्र के खैलम गांव में दूसरे समुदाय द्वारा कावंडियों पर पथराव के बाद जमकर बवाल हुआ था। 2018 में बिथरीचैनपुर थाना क्षेत्र में बवाल हुआ था। जहां दूसरे समुदाय ने कांवड़ियों की यात्रा रोक दी थी।जिसके बाद तत्कालीन भाजपा विधायक राजीव मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने जमकर विरोध किया था। इस तरह देहात क्षेत्र में भी कांवड़ यात्रा को लेकर कई बार बवाल हो चुका है।बदांयू और बिजनौर भी अति संवेदनशीलकांवड यात्रा को लेकर बदायूं भी अति संवेदनशील श्रेणी में आता है। बरेली के ज्यादातर कांवड़ियों बदायूं के कछला गंगा घाट से गंगाजल भरकर लाते हैं। इस दौरान कांवड़िये बदायूं शहर से होकर गुजरते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। जिसके चलते हर साल बरेली-बदायूूं मार्ग पर कांवड़ यात्रा के दौरान बवाल होता है।इसलिए बदायूं को भी अति संवेदनशील इलाके में रखा गया है। इसी के साथ जोन के बिजनौर और अमरोहा में भी कांवड़ यात्रा के दौरान कई बार बवाल हुआ तो दंगे तक की स्थिति बन गई। इसलिए इन्हें भी जोन के अति संवेदनशील जिलों में रखा गया है।कांवड़ियों की सुरक्षा का प्लान144 चौराहों पर लगे 900 सीसीटीवी कैमरों से निगरानीकांवड़ियों के रास्तों में पड़ने वाली सभी मांस की दुकानें बंद रहेंगीकांवड यात्रा के दौरान कोई भी नई परंपरा नहीं डाली जाएगी।संवेदनशील इलाकों में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।मंदिरों में भी सीसीटीवी लगेगा और पुलिस की तैनाती की जाएगी।कांवड़ियों के उत्तेजक नारों पर रोक लगाई जाएगी।सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।पूर्व में सावन के दौरान खुराफात करने वाले खुराफातियों को चेतावनी जारी की जाएगी।कांवड़ यात्रा विशेष तौर पर सावन के सोमवार के दिन रुट डायवर्जन के साथ ड्रोन से निगरानी होगी।