भक्तों की भीड़ ने किए भगवान के दर्शन, रथ को खींचने की रही होड़

बांसवाड़ा: बांसवाड़ा शहर के आजाद चौक से शुक्रवार शाम को निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा।कोरोनाकाल के दो साल बाद बांसवाड़ा के जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ शुक्रवार शाम को शहर भ्रमण पर निकले। गाजे-बाजे के साथ भगवान की रथयात्रा परंपरागत मार्ग से अपनों के बीच पहुंचे। भजन-कीर्तन के साथ झूमती हुई भक्तों की टोली श्रद्धा के साथ भगवान के आगे-पीछे चलती रही। बीच-बीच में भगवान पर पुष्प वर्षा भी हुई। कोरोनाकाल के दो साल तक भगवान मंदिर में ही थे। इसलिए इस बार भगवान के दर्शनों को लेकर लोगों ने खासा उत्साह दिखाया। खास तौर पर नेमा समाज में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखने को मिला।रथयात्रा में शामिल हुए समाज जन।दूसरी ओर नागरवाड़ा स्थित भगवान कृष्ण के मंदिर से भी जगन्नाथ भगवान की यात्रा निकली। बड़ी संख्या में समाजजनों ने इस रथयात्रा में हिस्सा लिया। इससे पहले दोनों ही मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की पूरे दिन धूम रही। कहीं भगवान को शहर भ्रमण कराने से पहले यज्ञ कुंड में आहुतियां दी गईं तो कहीं पर पूरे दिन अखंड रामायण पाठ का आयोजन हुआ। भगवान की यात्रा में शामिल होने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। जगदीश मंदिर से शुरू हुई यात्रा में नगर सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी भी शामिल हुए।भजनों की धुन पर ताली बजाते सभापति एवं अन्य भक्तजन।पुरी की तर्ज पर लोगों ने खींचा रथऊंट गाड़ी से बनाए गए भगवान के रथ को खींचने के लिए लोगों में उत्साह दिखा। कुछ सेकंड और मिनट के अंतराल में समाज और धर्म प्रेमी रथ को कंधा देकर भगवान को खींचते रहे। इसके बाद यात्रा तय रूट से होकर वापस मंदिर पहुंची, जहां पर धर्म प्रेमियों के बीच प्रसादी का वितरण हुआ। वहीं नेमा समाज की धर्मशाला में समाजजनों ने प्रसादी के तौर पर भोजन लिया।बांसवाड़ा में जगन्नाथ यात्रा के 55 साल:नागर और नेमा समाज की थी शुरुआत, रसोई में बनती है प्रसादी, होता है