प्राचीन गणेश मंदिर में 6 प्रतिमा की हुई प्राण प्रतिष्ठा, हफ्ते भर हुए धार्मिक अनुष्ठान

बालाघाट: शहर के जय हिंद टाॅकीज मैदान देवी तालाब के समीप प्राचीन श्री गणेश मंदिर में शुक्रवार को भक्तिभाव के साथ प्राण-प्रतिष्ठा की गई। हफ्ते भर तक चले विविध धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पुरोहितों ने विशेष पूजा- अर्चना कर प्रतिमा स्थापित की है। जानकारी से अवगत कराते हुए भक्त संजय असाटी ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आचार्य पंडित जनार्दन द्विवेदी एवं जयराम प्रसाद पांडे ने पूजन कराया।शुक्रवार को देवपूजन, यज्ञ पूर्णाहुति, विप्र दक्षिणा, देव मंडल विसर्जन के बाद बारिश के मौसम को देखते हुए दोपहर एक बजे से महा प्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया हैं।खंडित प्रतिमाओं को भक्तिभाव से संग्रहालय में किया स्थापितदूसरी तरफ जानकारी के अनुसार इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय में देवी तालाब के पास स्थित गणेश मंदिर की पुरातात्विक महत्व की खंडित प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है। जानकारों का कहना है कि पूर्व में देवी तालाब की खुदाई के दौरान भगवान शिव, पार्वती, विष्णु, माता लक्ष्मी, सूर्य, गरुड़ की प्रतिमाएं निकली थी। जिसे तात्कालिक व्यवस्था के तहत गणेश मंदिर में स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही थी, जबकि नियमानुसार खंडित प्रतिमाओं की पूजा नहीं की जाती। इन प्रतिमाओं को तात्कालिक अध्यक्ष स्व.भानु भाई त्रिवेदी को वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए पुरातत्व संग्रहालय में स्थापत्य कला के तहत प्रयास किया गया था।नई प्रतिमाओं की हुई प्राण-प्रतिष्ठाश्रद्धालुजनो का कहना रहा कि वर्तमान परिदृश्य में रमेश कुमार राठी अध्यक्ष, संजय असाटी सचिव गणेश मंदिर ट्रस्ट ने वस्तुस्थिति को समझा और उन खंडित प्रतिमाओं को संग्रहालय में स्थापित किया है। अब उन प्रतिमाओं की जगह नवीनतम प्रतिमा गणेश मंदिर में स्थापित की जा चुकी है।ये रहे मौजूदइस पावन अवसर पर इतिहास एवं पुरातत्व शोध संग्रहालय से आचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह गहरवार डॉ. कविता गहरवार डॉ.कुलदीप बिल्थरे डॉ. प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, समीर सिंह गहरवार, कंचन सिंह ठाकुर, गणेश मंदिर ट्रस्ट से राजीव त्रिवेदी, जयश्री त्रिवेदी, सुमित दुबे, मनीष नेमा, नंद किशोर आर्वे, गोपाल असाटी, अनुष्का असाटी उपस्थित रहे।