गिरोह ने 1 एकाउंट से की 300 करोड़ की ट्रांजेक्शन; दुबई से जुड़े तार, टेरर फंडिंग की आंशका

हिसार: एसपी लोकेंद्र सिंह मामले की जानकारी देते हुए।हिसार पुलिस ने चिट फंड मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। रिमांड के दौरान इस मामले में अभियोग में जांच के दौरान पाया गया कि 300 करोड़ की ट्रांजेक्शन एक ही एकाउंट से की गई है। आरोपियों ने बैंकों से 50, 50 लाख और कम से कम 35 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन की है। इसमें कुछ बैंकों की मिलीभगत भी है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में ट्रांजेक्शन कैसे की गई है। बैंकों में आयकर विभाग को सूचित नहीं किया। इस गिरोह के तार दुबई से जुड़े हैं। मामले की खुलासा होने के बाद कुछ भारत से दुबई चले गए। गिरोह को चाइन से आपरेट किया जाता है। गिरोह के तार टेरर फंडिग से भी जुड़े होने के संकेत हैं, क्योंकि कुछ खाते पश्चिम बंगाल में एक समाज के लोगों के मिले हैं। लेन देन जनवरी से लेकर अब तक किया गया है।एसपी लोकेद्र सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता चंद्रमोहन द्वारा द्वारा विन मनी ऐप में लगाए गए पैसे एकमहाराष्ट्र स्थित बैंक अकाउंट में गए, फिर वहां से वो पैसे उड़ीसा स्थित बैंक अकाउंट में गए और अंत मेंधनराशिकोलकाता स्थित बैंक में एक संदिग्ध व्यक्ति के खाते में गई। वह उसे 5 -5 लाख रुपए की बड़ी बड़ी मात्रा में धनराशि जयपुर निवासी आकाश शर्मा के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करता है। आकाश शर्मा उस धनराशि के Binance ऐप के माध्यम से illigal तरीके से USDT Coin खरीद कर उस संदिग्ध के अकाउंट मेंवापस डाल देता।आकाश के 13 बैंक अकाउंटआकाश शर्मा के जयपुर में अलग अलग बैंकों में 13 बैंक अकाउंट है। आरोपी आकाश ने Binance ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपए की ट्रांजेक्शन इधर उधर की है। आकाश शर्मा ने हाल में 10 लाख रुपए के USDT Coin उस संदिग्ध के अकाउंट में डाले थे जिसके एवज में उसे 2500 रुपए का कमीशन मिला था। रिमांड के दौरान पुलिस टीम ने आकाश शर्मा द्वारा किए गए करोड़ों रुपए के घपले के एवज में कमीशन के तौर पर मिले 302500 रुपए कैश बरामद किया है। आकाश शर्मा USDT को ऑनलाइन खरीदता और बेचता है परंतु कुछ संदिग्ध लोग USDT को कैश में खरीद, उसे डिजिटल करेंसी में बदल देते हैं।पुलिस जांच में सामने आया है कि धोखा घड़ी में प्रयोग होने वाले बैंक अकाउंट अक्सर किसी साधारण व्यक्ति को थोड़े पैसे का लालच देकर खुलवाए गए है और उनके एटीएम, चेक बुक और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित दस्तावेज ले लेते हैं और बड़ी अमाउंट के बैंक खाते फर्म के नाम होते हैं जिन्हें दुबई में 8 से 10 लोग व अन्य अलग अलग देशों में बैठ संचालित करते हैं।300 करोड़ रुपये का अधिक लेन देनसचिन गुड़ालिया वासी चाचका, सुरेंद्रा नगर, गुजरात और पिंटू राजपूत वासी गजराज सोसाइटी, अहमदाबाद, गुजरात को पकड़ा गया। पिछले कुछ महीनों में सचिन गुड़ालिया के बैंक अकाउंट से लगभग 300 करोड़ रुपए से अधिक का लेन देन है। ये पैसे अलग अलग राज्यों के बैंक खातों से इसके खाते में आये हैं। सचिन गुड़ालिया का चेक किसी अन्य तीसरे व्यक्ति के पास है जो वह चेक पिंटू राजपूत को देता और पिंटू राजपूत उस चेक से कैश निकाल कर उस कैश को तीसरे व्यक्ति के कहे अनुसार कही भी रख देता, और वहा से कोई ओर व्यक्ति कैश को उठा ले जाता। तीसरा आरोपी आकाश शर्मा वासी खेजडो आरोपीडिजिटल करेंसी में डायरेक्ट सहपाठी से सहपाठी को ट्रांसफर्र कर फ्रॉड की गई धनराशी को फ्लो करवाता और खुद कमीशन के तौर पर खुद पैसे कमाता है। पुलिस टीम ने आरोपियों से 352500 रुपये बरामद किये हैं और साथ ही अकाउंट में 1 करोड़ 38 लाख रुपये फ्रीज करवाए है।विज्ञापन से करते प्रचारएसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि ये लोग टेलीग्राम, वेबसाइट और विभिन्न वेबसाइट के पॉप अप के माध्यम सेविज्ञापन से संपर्क कर अपना नाम व विन मनी कंपनी के बारे में बताकर कहते हैं कि इसी नाम से हमारी एप है जो एक एन्ड्रायड लिंक चेन एप्लीकेशन है जिस पर रेफरल कोड के माध्यम से जोड़ा जाता है और जैसे जैसे कोड के माध्यम से लोग जुड़ते जाते हैं तो रेफरल कोड द्वारा कमीशन दिया जाता है। इस तरह कोड केमाध्यम से 1-1 व्यक्ति के पीछे हजारों/लाखों की संख्या में लोग जुड़े हुए है और उन्हें अपने ऐप के वॉलेट मेंपैसे रखने पर 8% प्रति माह के हिसाब से कमीशन दिया जाता है।1 हजार रुपये जमा करवातेएसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि शहर के अनगिनत लोग हमारी कंपनी की चिटफंट स्कीम से जुड़े हुए हैं और काफी रुपया लगाया हुआ है। कंपनी में एप के माध्यम से मेंबर बनते हैं तो आपको लिंक भेजा जाएगा। लिंक के माध्यम से आप 1000 रुपए जमा करवाते हो तो तीन माह तक 80 रुपए आपके खाता में आएंगे और अलग मैंबर बनाते हो तो अलग से इंसेटिव मिलेगा।ये प्रलोभन देकर विश्वास ने ले लेते हैं और एक से अधिक आईडी लेने पर ज्यादा मुनाफे का लालच देते हैं। जिसका यूजर नेम और पासवर्ड उक्त कंपनी वीनमनी द्वारा दिया जाता है। उक्त ID’s में उक्त कम्पनी की एप में VPA(Virtual Payment Address)/UPI(Unified Payment Interface) के माध्यम से सभी ID,s में रुपये डलवाते हैं। जिसका समय-2 पर कमीशन मिलता रहता है। साथ ही अगर आईडी में ज्यादा पैसे आते ही ID व खाता ब्लॉक कर दिया जाता है। उस id और खाता को अनब्लॉक करने के लिए अलग से पैसे मांगते हैं। विन मनी ऐप के जैसे ही RXCE, Mantrimaal, Ullumaal, WinzoPro, ColourPredicition जैसे भी अनको ऐप है जो भारी लालचदेकर धोखाधड़ी करते हैं। इस सभी ऐपस को इनके एडमिन द्वारा कंट्रोल किया जाता है और आखिरी 30 सेकेंड रहने पर ऐप में हेरा फेरी कर देते हैं।उल्लेखनीय है कि थाना सिविल लाइन हिसारमें पटेल नगर हिसार निवासी चंद्रशेखर की शिकायत पर 17 जून 2021 अंकित कर उपरोक्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।