एलियंस का यूएफओ दुर्घटनाग्रस्त, मंगल ग्रह पर पड़ा है मलबा, नाराज जादूगर ने नासा को बताया ‘झूठा’

लंदन । एलियंस को लेकर तमाम धारणाएं व्याप्त हैं बीते दिनों मंगल ग्रह पर वैज्ञानिकों को कुछ विचित्र चीजें नजर आईं। किसी ने इन्हें रहस्यमय दरवाजा बताया तो किसी ने ‘आंखों का धोखा’ कहा। पिछले दिनों लाल ग्रह पर देखी गई अजीबोगरीब आकृति को अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने रॉक टॉवर करार दिया था। लेकिन एक इजरायली-ब्रिटिश जादूगर यूरी गेलर ने दावा किया कि नासा मंगल पर देखे गए मुड़े हुए रॉक टावर के बारे में झूठ बोल रही है। उनका मानना है कि ये खंभे दरअसल एक दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ के अवशेष हैं। जादूगर ने कहा कि वह स्पेस एजेंसी के दावों को लेकर बेहद नाराज हैं क्योंकि कोई भी व्यक्ति बता सकता है कि वे टॉवर पत्थर के नहीं है। यूरी गेलर टीवी पर सबके सामने अपनी ‘दिमागी शक्तियों’ से चम्मच को मोड़कर चर्चा में आए थे। उन्होंने कहा कि नासा के पास मंगल ग्रह पर दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ के बहुत सारे फुटेज हैं। गेलर का मानना है कि अजीबोगरीब मोड़ वाली लाल संरचनाएं यूएफओ का आंतरिक हिस्सा हैं। 77 साल के जादूगर ने कहा, ‘कई दशकों से, मेरा मानना है कि लाल ग्रह पर एलियंस का एक या एक से अधिक यूएफओ दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं।
गेलर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि चट्टानों के ये टुकड़े जो यूएफओ के हिस्से जैसे लग रहे हैं, न ही प्राकृतिक हैं और न ही मंगल ने इन्हें बनाया है। मुझे लगता है कि ये आंतरिक हिस्से हैं क्योंकि एक स्पेसक्राफ्ट आकार में बेहद विशालकाय होता है और जब यह क्रैश होता है तो इसके टुकड़े चारों तरफ फैल जाते हैं। आप इन तस्वीरों को देखिए और खुद से पूछिए कि क्या ये चट्टानों की तरह दिख रहे हैं?’ गेलर ने कहा, ‘कोई भी समझदार व्यक्ति आपको बताएगा कि ये चट्टान नहीं हो सकती। ये किसी चीज का मुड़ा हुआ मलबा है। नासा ने जो कहा मैं उस पर विश्वास नहीं करता हूं।’ इस साल मई में नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने इनकी खोज की थी। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ये टॉवर कितने लंबे, कितने मजबूत या कितने पुराने हैं। खगोलविदों ने दावा किया है कि ये एक बड़ी चट्टान संरचना का हिस्सा हैं जो कई साल पहले नष्ट हो चुकी है।