चंबल में डकैत रिटर्न्स: चैलेंज देकर डाकुओं ने दिया वारदात का अंजाम, सोती रही पुलिस!

ग्वालियर: चंबल-ग्वालियर क्षेत्र पुराने समय के नामिगिरामी डकैतों के लिए जाना जाता है। कई वर्षों पहले इस क्षेत्र में डकैती का खात्मा हो गया था। लेकिन ग्वालियर के चीनोर में हुई डकैती की घटना से लगता है कि यह युग फिर से लौट आया है। यहां डकैतों ने पहले चिट्ठी लिखकर खुली चुनौती दी। इसके बाद तय दिन और तय समय पर डकैती की घटना को अंजाम भी दिया। घटना के बाद पीड़ित ग्रामीण SP से मिले और अपना दुखड़ा सुनाया। वहीं इस घटना से ग्वालियर पुलिस की काफी किरकिरी हो गई है।

चैलेंज देकर डकैतों ने की वारदात…
ग्रामीणों का कहना है कि इनके यहां एक महीने पहले एक चिट्ठी आई। जिसके जरिए करीब एक दर्जन ग्रामीणों के नाम लिखकर  5 -5 लाख की फिरौती मांगी गई, और उस रकम को शीतला माता मंदिर में बताये गये स्थान यानि शेर के मुंह में पैसा रखने को कहा जाता है और साथ में धमकी भी दी गई है कि जिसने भी यह रकम नही दी, तो निश्चित दिन और तय समय पर इनके घरों में डकैती पड़ेगी। डाकुओं के चैलेंज के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई और उन्होंने ग्रामीणों के घरों में डकैती डाली औऱ सोना चांदी लेकर भाग गए।

ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
घटना के बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से मिले और उन्हें चिठ्ठी देने के साथ घटना की रात के CCTV फुटेज भी सौंपे। जिसमें कई बदमाश घरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में संलग्न दिख रहे थे। ग्रामीणों का आरोप हैं की चीनोर पुलिस की मिलीभगत से लंबे समय से यह वारदातें हो रही हैं उन्होंने एस पी को एक ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि चीनोर थाने के TI को सस्पेंड करने के साथ थाने के पूरे स्टाफ को तुरंत बदला जाए क्योंकि यह सभी डकैतो से मिले हुएं हैं।

वहीं पुरे मामले में पुलिस का कहना है कि डकैतों पर कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। उन पर पुलिस सख्त कदम उठाएगी और उनको जल्द गिरफ्तार किया जायेगा। लेकिन ग्रामीणों के आरोपों से पुलिस प्रशासन खुद कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है।